नेत्र-अंग और देहदान करने की अपील

हरिद्वार। दधिचि देह दान समिति की बैठक शिवालिक नगर स्थित एक होटल के सभागार में हुई। बैठक में लोगों से समाज के हित में नेत्रदान, अंगदान और देहदान की अपील की गई। साथ ही हरिद्वार में समिति का गठन भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नेत्रदान, अंगदान और देहदान तीनों समाज के हित में किया जाने वाला पुण्य कार्य है। नेत्रदान से किसी भी व्यक्ति को देखने का सुनहरा अवसर प्राप्त हो सकता है। इस अवसर पर समिति ने अपने नेत्र अथवा अंगदान करने का संकल्प लेने वाले सदस्यों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। समिति के हरिद्वार के नवनियुक्त अध्यक्ष सुभाष चांदना ने कहा कि अगर कोई भी अंग दान किया जाए तो एक अन्य व्यक्ति उससे अपना जीवन जी सकता है। देहदान भी समाज के लिए वरदान साबित हो सकता है। देह दान करने से मेडिकल साइंस में कार्य करने वाले डॉक्टर्स अनेक प्रकार की मृत देह से शोध करके बीमारियों उनके प्रकार और उनके निदान का रास्ता ढूंढ सकते हैं। महासचिव राजीव ने कहा कि अंगदान उसी व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है जिसका किन्ही परिस्थितियों में ब्रेन डेड हो गया हो और उसके अन्य अंग भली-भांति काम कर रहे हों, इसी प्रकार नेत्रदान भी किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात मात्र 4-5 घंटे के अंदर किया जा सकता है। शिक्षक अजय शर्मा ने कहा कि डॉक्टर बीमारियों पर शोध करते हैं और उनके निदान का भी रास्ता ढूंढते हैं। इससे समाज की बड़ी सहायता हो सकती है। इस दौरान सुभाष सारस्वत, विजय कुमार जुनेजा, डॉ. मुकेश, एडवोकेट नीरज, संदीप गोयल, रोहिताश्व कुंवर चौहान आदि उपस्थित रहे।

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