शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ का कार्य बहिष्कार बुधवार को भी रहा जारी
हरिद्वार
उत्तराखंड आयुर्वेद उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पूर्व प्रस्तावित आंदोलन के क्रम में बुधवार को शिक्षणेत्तर संघठन के तत्वाधान में गुरुकुल ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार, प्रशासनिक भवन व मुख्य परिसर हर्रावाला देहरादून के कर्मचारियों ने तीसरे चरण के प्रथम दिवस में 4 घंटे (10 बजे से 2 बजे) तक अपने अपने परिसरो में कार्य बहिष्कार किया गया। ऋषिकुल परिसर में कार्यक्रम अध्यक्षता अनिल नेगी व संचालन मोहित मनोचा चंद्र प्रकाश ने संयुक्त रूप से किया। आंदोलन कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के संगठन मंत्री राहुल तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यरत कार्मिकों का दो माह से वेतन नहीं मिला है त्तीसरा माह भी निकट है, वेतन के अलावा भी अन्य मांगे हैं जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। यदि जल्द ही हमारी मांगो का निस्तारण नहीं किया तो हमको विवश होकर आंदोलन को उग्र रूप देना पड़ेगा। ममता कठायत व चंदन सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कार्मिकों को बार-बार झूठा आश्वासन देकर अपनी मनमानी करता रहा है। एक्सरे टेक्नीशियन वा नर्सिंग, के 4200 ग्रेट को 4600 ग्रेट पे जिसका शासनादेश है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति के संबंध में बार बार अनुरोध करता है। उसके उपरांत भी विश्व विद्यालय प्रशासन इस पर किसी भी प्रकार का सुध नहीं ले रहा। लेकिन अब हम पीछे हटने वाले जब तक सभी मांगो का निस्तारण नहीं किया जाता हम आंदोलन को समाप्त नहीं करेंगे। संघ की उपाध्यक्ष आनंदी शर्मा, उत्तम कुमार, संग के मंत्री आशुतोष गैरोला ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है। प्रशासनिक भवन में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सालय में फार्मासिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट ,नर्सिंग संवर्ग में सहायक नर्सिंग आधिकारी, मैट्रन आधिकारी के पद सर्जित नहीं है। पदों के सृजन के लिए बार-बार प्रशासन से निवेदन किया जाता रहा है। प्रशासन पदों के सृजन के संबंध में उदासीन बना हुआ है। जोकि कार्मिकों के लिए भविष्य व सामाजिक रूप से चिंताजनक विषय है। चिकित्सा स्वास्थ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, नीमा, नित्या, राकेश कुमार ने कहा विश्व विद्यालय वेतन आदि अन्य मागों को निस्तरित करने में असमर्थ है तो पुनः ऋषिकुल गुरुकुल आयुर्वेद कालेज का राजकीय करन कर दिया जाय। जिससे हमारा वेतन अन्य देयको का भुगतान कोषागार के माध्यम से हो सके। मोहित मनोचा कार्यवाहक मीडिया प्रभारी/ऑडिट उत्तराखण्ड शिक्षक कर्मचारी संघ, उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा न ले मांगों का जल्द से जल्द निस्तारण नही किया गया तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व विश्विद्यालय प्रशासन का होगा। आंदोलन में समीर पांडेय, कुशुम, मीनाक्षी गौड, सुरेंद्र सिंह, जगजीत सिंह, कमल कुमार, नितिन कुमार, चंद्रपाल, रोहित कुमार, बीना मठपाल, राजपाल, मोनिका वर्मा, अमित सिंह, चंद्र कला, सुदामा प्रसाद, सतीश कुमार, बृजेश, दिलबर सिंह सत्कारी, रमेश पंत, दीपक ज्योति, अनुभा भट्ट, शैलेश, प्रवीण रश्मि, नित्या बाला देवी, केलाशो, विवक कुमार, रोहित, विनोद कुमार, अमित कुमार, ममता बिष्ट, डॉली आदि अन्य उपस्थित रहे।

