दयालु एवं कृपालु हैं मां चण्डी देवी: महंत रोहित गिरी
हरिद्वार
मां चंडी देवी मंदिर परमार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित गिरी महाराज ने कहा है कि नवरात्रि संसार को संचालित करने वाली आद्यशक्ति मां भगवती की आराधना का पर्व है। वह सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी है और नवरात्र पर्व इन्हीं जगत जननी को समर्पित है। नील पर्वत स्थित सिद्ध स्थल मां चंडी देवी मंदिर के प्रांगण में छठे नवरात्र पर श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए महंत रोहित गिरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में कन्याओं को मां का साक्षात स्वरूप माना गया है। इसलिए कन्या पूजन के बिना नवरात्रि व्रत अधूरा है। हमें देवी स्वरूपा बालिकाओं के संरक्षण संवर्धन के लिए समाज को जागरूक करना चाहिए। शिक्षा के अभाव में आज भी कई लोग बालक बालिका में असमानता मानते हैं। जोकि एक सभ्य समाज पर सवाल खड़ा करता है। बेटियां साक्षात देवी स्वरूपा हैं और एक मां और बहन के रूप में समस्त जगत का कल्याण कर रही हैं। महंत रोहित गिरी महाराज ने कहा कि मां चंडी देवी बहुत ही दयालु एवं कृपालु हैं। जो भक्तों की सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न होकर उन्हें मनवांछित फल प्रदान करती हैं। नवरात्रि पवित्रता शक्ति और दिव्यता का प्रतीक है। जिनमें मां भगवती के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। प्रत्येक श्रद्धालु भक्तों को श्रद्धा पूर्वक मां की शरण में आकर स्वयं को कृतार्थ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जगत में जब जब तामसी आसुरी और क्रूर लोग प्रबल होकर सात्विक उदार आत्मक एवं धर्म निष्ठ लोगों को छलते हैं। तब देवी धर्म संस्थापना हेतु अवतार धारण करती हैं। देवीतत्व का अत्यधिक लाभ लेने के लिए संपूर्ण नवरात्र मां की आराधना अवश्य करनी चाहिए। इस अवसर पर पंडित पंकज रतूड़ी, पंडित राजेश कुकशाल, पंडित रोहित डबराल, पंडित नवल टेस्टवाल, पंडित अमित बेलवाल, विशाल कश्यप, संजय कश्यप, मोहित राठौर, मोगली, मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे।
उज्जवलता और जीवंतता का प्रतीक हैं नवरात्र-साध्वी जीवन ज्योति मां
हरिद्वार। नवरात्रों के अवसर पर श्रवणनाथ नगर स्थित जय मां आश्रम में श्रद्धालु भक्तों ने दुर्गा चालीसा एवं देवी सप्तशती का पाठ कर मां भगवती का गुणगान किया और देश में सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए साध्वी जीवन ज्योति मां ने कहा कि नवरात्र पर्व उज्जवलता और जीवंतता का प्रतीक हैं। नवरात्र व्रत करने से अंतःकरण की शुद्धि होती है। तामसिक और नकारात्मक विचारों का शमन होता है। सकारात्मक विचारों का उदय होता है। जिससे मनुष्य में कल्याणकारी गुणों का विकास होता है। नवरात्र में मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की आराधना करने से सुख समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। माँ दुर्गा एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में सभी बुराइयों को नष्ट करती हैं और भक्तों को आशीर्वाद व वरदान प्रदान करती हैं। पूजा ज्योति मां ने कहा कि मां दुर्गा ब्रह्मांड की ऊर्जा व दिप्व्य शक्ति का परम स्रोत हैं। नवरात्र व्रत करने से साधक को शक्ति और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्र व्रत मां दुर्गा की आराधना के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं। व्रत करने के साथ साधक को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी अवश्य लेना चाहिए। मां दुर्गा का गुणगान करने के साथ श्रद्धालु भक्तों ने चक्रवर्ती महामण्डलेश्वर उषा माता महाराज एवं महामण्डलेश्वर स्वामी महादेव महाराज के जयकारे भी लगाए। इस अवसर पर ठाकुर मान सिंह, पंडित महेश भट्ट, पंडित गणेश, हरीश चावला, आशा वालिया, अमित वालिया, नितिन वालिया, जगदीश चावला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।
