सोशल मीडिया पर छाई रही आईआईटी के बूथ पर कम वोटिंग

रुड़की

आईआईटी के एक बूथ पर कम वोटिंग का मामला सोशल मीडिया में छाया रहा। इसकी तुलना एक ग्रामीण सीट पर हुए मतदान को लेकर हुई पोस्ट को लेकर तर्क वितर्क चलता रहा। अलग-अलग बूथों पर मतदान के नतीजे आने के बाद एक फेसबुक यूजर ने पोस्ट किया कि आईआईटी के एक बूथ पर 31.74 फीसदी मतदान हुआ। रुड़की सीट के ही एक ग्रामीण बूथ पर 87 फीसदी मतदान हुआ। इसमें लिखे कुछ शब्दों को लेकर तर्क वितर्क चलता रहा। कुछ लोगों ने कहा कि मतदान कानूनी अधिकार है यह कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। कुछ ने लिखा कि आईआईटी में बहुत से लोग अन्य प्रदेशों के भी हैं। इस कारण भी मत प्रतिशत कम हो सकता है। एक और पोस्ट में कहा गया कि आईआईटी में कम वोटिंग का कारण यह है कि रिटायर होने वाले यहां से चले जाते हैं। लेकिन उनके वोट बनी रहती है। जो रह रहे उनकी वोट बनती नहीं। आईआईटी के मतदाता मतदान को बाहर क्यों नहीं आए इसको लेकर अपनी-अपनी वैचारिक दृष्टि से भी पोस्ट पर कमेंट होते रहे।

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