फाउंड्री उद्योग का आकार सात साल में 32 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य
धातुओं को सांचे में ढालने वाले फाउंड्री उद्योग ने घरेलू बाजार का आकार अगले पांच-सात वर्षों में दोगुना कर 32 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
फाउंड्री उद्योग की संस्था आईआईएफ के अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने एक कार्यक्रम में कहा कि अगले पांच-सात वर्षों में ढलाई कारखानों की सालाना उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 2.1 करोड़ टन तक पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है। इसे हासिल करने के लिए घरेलू एवं विदेशी कंपनियों से करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने की संभावना है।
भारतीय फाउंड्रीमेन संस्थान (आईआईएफ) के अध्यक्ष ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फाउंड्री उद्योग से जुड़े मसलों पर 17-19 अप्रैल तक गुजरात के गांधीनगर में 70वें भारतीय फाउंड्री कांग्रेस एवं आईफेक्स सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
जैन ने बताया कि भारतीय फाउंड्री उद्योग की इस समय वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 1.05 करोड़ टन है जबकि इसका आकार 16 अरब डॉलर है। यह उद्योग करीब पांच लाख लोगों को सीधे तौर पर जबकि 15 लाख लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार देता है।
उन्होंने कहा, हमारा मकसद है कि हम अगले पांच-सात साल में अपना बाजार आकार दोगुना करने के साथ ही अपनी क्षमता एवं रोजगार अवसरों को भी दोगुना पहुंचा दें।
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