अंकिता हत्याकांड:  कांग्रेस ने की सीबीआई जांच व हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग

विकासनगर। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने और हत्यारोपियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर सेलाकुई में प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया। घटना से आक्रोशित कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा के एक पदाधिकारी के हत्यारोपी बेटे को प्रदेश सरकार बचाने में जुटी है। पोस्टर हाथ में थामे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारा दिया कि कोई सैर सपाटे गया, कोई गया देखने मैच, अब पहाड़ की नौनी तैं को बचालू। शुक्रवार को देर शाम करीब पांच बजे कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पंचायत कार्यालय के समीप शिवमंदिर चौक पर एकत्रित हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पर्चे, पोस्टर व तख्तियां हाथ में लेकर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। तख्तियों पर पहाड़ की बेटी की पुकार, बुलडोजर चलाओ सरकार जैसे नारे लिखे थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में एक बेटी की हत्या भाजपा के एक बड़े नेता के बेटे ने की, लेकिन भाजपा नेताओं और प्रदेश सरकार के दबाव में राजस्व पुलिस मुकदमा तक लिखने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि लापता अंकिता भंडारी की गुमशुदगी दर्ज करने में आखिर क्यों देर की गयी। पुलिस कार्रवाई भी धीमी गति से चल रही है। कहा कि पूरे मामले में भाजपा की सरकार दबाने का प्रयास कर रही है। कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता के गरीब माता पिता को कौन न्याय दिलायेगा। कहा कि क्षेत्रीय राज्य सरकार के मंत्री विदेशी दौरों पर हैं। मुख्यमंत्री क्रिकेट मैच देख रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड की बेटी अंकिता को कौन न्याय दिलायेगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराकर हत्यारोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की हे। कहा कि पहाड़ की बेटी की मौत से हर कोई स्तब्ध है। कहा कि भाजपा सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा कागजों में देती है। जमीन पर उसके नेता और नेताओं के पुत्र बेटियों की जान ले रहे हैं। कहा कि जब यूपी में एक पत्थर फेंकने पर बुलडोजर चलाया जा सकता है तो धामी सरकार हत्यारोपियों पर क्यों बुलडोजर नहीं चलाती। कहा कि प्रदेश सरकार जनता का ध्यान बंटाने के लिए कभी नियुक्तियां निरस्त करने तो कभी एक सप्ताह बाद रिपोर्ट लिख रही है। कहा कि आखिर मुख्यमंत्री धामी क्यों खामोश हैं। प्रदर्शनकारियों में नगर अध्यक्ष अमित पंवार, नीलम थापा, पूर्व सैनिक अशोक नेगी, संजीव उपाध्याय, हरीश बिष्ट, नगर महामंत्री अरशद खान, अमित नेगी, नगर मंत्री दीपक धीमान, रोशन लाल, मनोज गुसाईं, प्रदीप कुमार, खुर्शीद अहमद, मिलन कुमार, नवजोत, अनिल कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।

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