कर्मचारी संघ और कुलसचिव के बीच वार्ता विफल

हरिद्वार

आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने पूर्व निर्धारित आंदोलन कार्यक्रम के तहत ऋषिकुल, गुरुकुल आयुर्वेदिक चिकित्सालय में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के दूसरे दिन दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। धरने के दौरान कुलसचिव डॉ. अनूप कुमार गक्खड़ ने प्रतिनिधमंडल को अनौपचारिक रूप से वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता में सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कुल सचिव को कहा कि जितनी मांगें उनके स्तर से हैं, उन्हें तत्काल पूरा करवा दें उसके बाद ही आंदोलन वापस लिए जाने पर विचार किया जा सकता है। जब तक मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा । वार्ता में कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया और वार्ता बेनतीजा रही। धरने की अध्यक्षता दिलबर सिंह सत्कारी एवं कांता ने संयुक्त रूप से किया। संचालन मोहित मनोचा, रमेश चंद्र पंत, राकेश चंद्र ने किया। दूसरे दिन ऋषिकुल, गुरुकुल, आयुर्वेद विवि में विभागों चिकित्सालय के अंदर रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की पदोन्नति, गोल्डन कार्ड, मृतक आश्रित की नियुक्ति, उनके देयक, वेतन विसंगति दूर नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विवि शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष केएन भट्ट,जगजीत कैंतुरा, समीर पांडेय ,अमित लाम्बा, अनिल कुमार, उप सचिव छत्रपाल सिंह चौहान ने कहा कि अभी तक कुलपति ने किसी भी तरह का संज्ञान कर्मचारियों का नहीं लिया है। अब आंदोलन की रणनीति उग्र करनी पड़ेगी। 27 मार्च को आंदोलन के तीसरे चरण में तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, संयुक्त सचिव मोहित मनोचा, उपशाखा उपाध्यक्ष ताजबर सिंह नेगी, राकेश चन्द्र, मनोज पोखरियाल, विनोद कश्यप ने कहा कि डीडीओ कोड बहाल होने से कर्मचारियों को कोषागार से वेतन भत्ते और अन्य सुविधाएं मिल जाएगी। धरने में उत्तम कुमार,राजपाल सिंह, राकेश चन्द्र, मनीष, कश्मीरी लाल, रमेशचंद्र पंत, लोकेंद्र, संदीप, धुर्व, अरुण, अमित, कला, नित्या, ममता, मनीषा, मनोज पोखरियाल, सुनील, प्रमोद, उपाशना, नीमा,नाथी, दयाल, जोहर सिंह, नवीन, रोहन, आदि शामिल रहे।

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