चौथे दिन भी जारी रहा शिक्षिकों का धरना
हरिद्वार
उत्तराखंड संस्कृत निदेशालय हरिद्वार में चल रहा अनिश्चित धरना चौथे दिन भी जारी रहा। संस्कृत महाविद्यालय प्रबंधकीय शिक्षक समिति के बैनर तले मानदेय से वंचित 126 संस्कृत प्रबन्धकीय शिक्षकों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। संस्कृत शिक्षकों के प्रदेश अध्यक्ष भगवती बिजल्वाण ने कहा कि संस्कृत देवभाषा है। भारतदेश की आत्मा संस्कृत भाषा में निहित है। संस्कृत भाषा प्रदेश की द्वितीयराज भाषा है। लेकिन प्रदेश में संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों में अल्प वेतन पर कार्य करने वाले संस्कृत शिक्षकों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इस अवसर पर प्रदेश सचिव राघवेंद्र कुमार, प्रदेश संयोजक प्रकाश तिवारी, अनूप रावत, उपसचिव रामेश्वर प्रसाद, संगठन मंत्री अतुल चमोला, डॉ. जीवन आर्य, चक्रपाणि मैठानी, सुनीता अमोली, डॉ. भारती पन्त, विंदूमती, गीता उनियाल, रामेश्वरी, सुरेश भट्ट आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

