धारी परिसर को केसरिया-पलास के पौधों से संवारने की मंसा: त्रिवेंद्र
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने धारी देवी मंदिर परिसर को केसरिया और पलास के साथ ही पीपल व बरगद सहित अन्य प्रजातियों के पेड़ों से सुसज्जित करने का मन बनाया है। इस संदर्भ में मंगलवार देर सायं उन्होंने गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित एक्टिविटी सेंटर में विवि के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र नेताओं के समक्ष इसकी कार्य योजना रखी। इसके लिए उन्होंने विवि व आम जनमानस के सहयोग की अपील भी की।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मां धारी देवी मंदिर को सड़क से मंदिर तक जाने वाले रास्ते के दोनों ओर तथा नदी के पार के हिस्से सहित परिसर के आसपास खाली स्थानों पर सघन पौधेरोपण कर वन मॉडल तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे धारी देवी मंदिर एक नए स्वरूप में सामने आएगा। कहा इसके लिए विवि व स्कूलों के एनएसएस स्वयंसेवियों, एनसीसी कैडेंटों व अन्य छात्र-छात्राओं तथा विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा। कहा मई माह में इसके लिए गड्ढे तैयार किए जाएंगे। कहा कि इसकी जियो टैगिंग भी की जाएगी।
मौके पर मौजूद शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों ने उनके इस प्रयास की सराहना की व सहयोग का पूरा आश्वासन दिया। बैठक में विवि के प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट, कुलसचिव प्रो. एनएस पंवार, डीएसडब्लू प्रो. एमएस नेगी, प्रो. एमपीएस बिष्ट, प्रो. वाईपी सु्ंद्रियाल, प्रो. आरसी डंगवाल, प्रो. अजीत नेगी, प्रो. अतुल ध्यानी, डा..जेपी मेहता, डा. राकेश नेगी, छात्र संघ अध्यक्ष गौरव मोहन नेगी, डा.सुधीर जोशी, शैलेश मलासी, डा. विनीत पोश्ती, रविंद्र सिलवाल, दर्शन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
परिसीमन को लेकर रहें सजग
श्रीनगर गढ़वाल। आने वाले समय में उत्तराखंड में होने वाले परिसीमन को लेकर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी को सजग रहने को कहा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार जनसंख्या घटती जा रही है। कहा यदि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन हुआ तो पर्वतीय क्षेत्र विधानसभा सीटों पर इसका असर पड़ेगा। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे को लेकर जागरूक होने की अपील की।

