फिलिस्तीनी विधवा के कानूनी प्रयासों का वर्णन करती फिल्म ‘‘लेमन ट्री’’
देहरादून
रीच एवं विरासत फेस्टिवल के जनक व रीच संस्था के आर के सिंह ने बताया कि भारतीय, आंचलिक और विदेशी फिल्में दिखाई जाती रही हैं, इसी क्रम में अरेबिक भाषा की फिल्म ‘‘लेमन ट्री’’ लोगों को दिखाई गई, जो एरान रिक्लिस द्वारा निर्देशित है। उन्होंने बताया कि जिसमंे अभिनय किया है हीम अब्बास, अली सुलेमान, रोना लिपाज-माइकल एवं डोरोन टेवरी ने। फिल्म के कहानी को लिखा है एरान रिक्लीस एवं सुहा अरफ ने। उन्होंने बताया कि फिल्म एक फिलिस्तीनी विधवा- सलमा, की सच्ची कहानी पर आधारित एक नाटक के रूप में दिखाया गया है जिसे अपने नींबू के बागीचे की रक्षा करनी है। उन्होंने बताया कि फिल्म एक फिलिस्तीनी विधवा के कानूनी प्रयासों का वर्णन करती है, जो इजरायल के रक्षा मंत्री को जोकि उसके नींबू के बाग के बिलकुल बगल में रहने आता है, अपने स्वर्गीय पिता के लगाये बागीचे में नींबू के पेड़ों को नष्ट करने से रोकती है। इस दौर में वह इजराइली सैनिकों एवं सीक्रेट सर्विस साथ उलझती भी है। किंतु अंतराल में सलमा और रक्षा मंत्री की पत्नी के साथ एक नारी सहज मानवीय बंधन विकसित हो जाता है। जहाँ फिलिस्तीनी विधवा सलमा जिदान अपने नींबू के बाग में काम करती है वहाँ एक बार वह बाड़ांे को फाँद उससे मिलने भी जाती है लेकिन इजराइली सीक्रेट सर्विस उसे मिलने नहीं देते हैं। उन्होंने बताया कि हालाँकि, जब इजरायल के रक्षा मंत्री नवोन रास्ते में आगे बढ़ते हैं, तो उनके सुरक्षा गार्ड मांग करते हैं कि वह उन पेड़ों को हटा दें, जो आतंकवादियों को आश्रय दे सकते थे। उन्होंने बताया कि सलमा झुकने से इनकार करते हुए, वह अपने मामले को सर्वोच्च न्यायालय में ले जाने के लिए वकील जियाद दाउद को नियुक्त करती है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करता है।

