पूर्व विधायक कुंवर सिंह नेगी का दून में निधन

देहरादून। अविभाजित उत्तर प्रदेश की बदरी केदार विधानसभा के दो बार सदस्य रहे पूर्व विधायक कुंवर सिंह नेगी का ह्दय गति रुकने से दून में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार खड़खड़ी घाट में उनकी दोनों बेटियों ने किया। पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व विधायक मनोज रावत, मनीष खंडूड़ी समेत अनेक कांग्रेसी नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। पूर्व सीएम हरीश रावत, हीरा सिंह बिष्ट समेत अनेक कांग्रेसी नेता उन्हें अंतिम विदाई देने उनके आर्शीवाद एन्क्लेव स्थिति आवास पर भी पहुंचे। वहां वह अपनी बड़ी बेटी रेनू बिष्ट के परिवार के साथ कुछ समय से रह रहे थे।
कुंवर सिंह नेगी को उत्तराखंड में वन पंचायतों के लिए कानून बनाने में योगदान के लिए याद किया जाता है। वह बाद में कांग्रेसी राज्य सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री भी रहे। पूर्व सीएम हरीश रावत ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्हें मिले हरेक दायित्व को उन्होंने गरिमापूर्ण ढंग से संभाला। वह मूलरुप से रुद्रप्रयाग के पास कोटी गांव के निवासी थे, गोपेश्वर में वह वकालत करते थे। हरीश रावत ने कुंवर सिंह नेगी के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें कांग्रेसी ध्वज ओढ़ाकर विदा किया। उन्होने कहा कि वह निरंतर उनका मार्गदर्शन करते थे। पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि लोगों को उन जैसे कर्मठ नेता का जीवन प्रेरणा देता रहेगा। उनके करीबी मुकेश नेगी ने बताया कि वह उत्तराखंड की राजनीति में सादगी, ईमानदारी, सुचिता और कर्त्तव्यपरायणता के लिए याद किए जाएंगे। कांग्रेसी नेता मथुरादत्त जोशी ने ने बताया कि उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस को मजबूती प्रदान की। अस्सी के दशक में वह दो बार बदरी केदार विधानसभा क्षेत्र के विधायक बने। पहली बार कांग्रेस के साथ व दूसरी बार हेमवती नंदन बहुगुणा की लोकतांत्रिक मोर्चा से, लोकतांत्रिक मोर्चा से उस साल शिवानंद नौटियाल, नरेन्द्र सिंह भंडारी भी विधायक चुने गए थे।

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