इमाम हुसैन की शहादत को किया गया याद
रुड़की। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सय्यद शब्बर हुसैन रिजवी ने मोहल्ला पठानपुरा के बड़े इमामबाड़े पर मोहर्रम की मुख्य मजलिस को संबोधित किया। कहा कि शहादत की जो मिसाल हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में पेश की, उसकी नजीर कयामत तक नहीं मिल पाएगी। कहा कि उन्होंने किसी धर्म, समुदाय विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी मानव जाति की रक्षा के लिए अपनी और अपने साथियों की कुर्बानी राहे खुदा में पेश की। कहा कि इंसानियत की रक्षा के लिए कर्बला के मैदान में कुर्बानी दी गई थी। बारगाह ए बाबुल मुराद, बारगाह ए जैनबिया में भी मजलिसें हुईं। इसके बाद बड़े इमामबाड़े से मोहर्रम का मुख्य मातमी जुलूस शुरू हुआ। बाबुल मुराद पहुंचकर यहां से अजादार जुलूस में शामिल हो गए। जुलूस बारगाह ए जैनबिया पहुंचा। मोहल्ला टोली आंशिक पठानपुरा होकर यह जुलूस थाना बाइपास मार्ग पर कर्बला पहुंचा। यहां पर ताजीए दफन करने के बाद बड़े इमामबाड़े पर आकर संपन्न हुआ।

