नवरात्र के सातवें दिन हुई मां कालरात्रि की उपासना

विकासनगर

चैत्रीय नवरात्र के सातवें दिन शुक्रवार को मां कालरात्रि की पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं ने खुशहाली की कामना की। कालसी स्थित काली माता में मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने माता को फल, फूल और प्रसाद भेंट कर सुख समृद्धि की मन्नत मांगी।
विकासनगर के भोजवाला रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर में सुबह दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ। इसके बाद देर शाम तक भक्त माता के भजनों पर झूमते रहे। अस्पताल रोड स्थित काली माता मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। यहां भक्तों ने ध्यान मुद्रा में मां के कालरात्रि स्वरूप का आह्वान किया। डाकपत्थर रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर में माता के भक्तों ने अनुष्ठान किया। बाड़वाला मंदिर में भी नवरात्रि के सातवें दिन विशेष पूजा अर्चना की गई। पं. आशुतोष पैन्यूली ने श्रद्धालुओं को बताया कि मां दुर्गा के सातवें स्वरूप की पूजा मां कालरात्रि के रूप में की जाती है। सप्तमी की पूजा सामान्य तौर पर सुबह होती है, लेकिन रात में पूजा का विशेष विधान है। सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करके हम अपने क्रोध पर विजय प्राप्त करना सीखते हैं। मां कालरात्रि का स्वरूप ऋद्धि, सिद्धि देने वाला है। इसके अलावा हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई, झाझरा, सुद्धोवाला के देवी मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया गया।
पं. आशुतोष पैन्यूली ने बताया कि नवरात्र के अंतिम तीन दिनों में मां दुर्गा का स्वरूप सरस्वती का होता है। सरस्वती प्रज्ञा और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी हैं। सिद्धि और साधना की दृष्टि से नवरात्रों को ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। इन नवरात्रों में भक्त व्रत, संयम, नियम, यज्ञ सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम करते हैं। कुछ साधक विशेष सिद्धियां प्राप्त करने के लिए आराधना करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *