सुधरने से पहले और खराब हो सकती है आर्थिक स्थिति: विक्रमसिंघे

कोलंबो

श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने जनता को आगाह किया कि देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति सुधरने से पहले और खराब होने वाली है। श्रीलंका अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है और ईंधन की भारी कमी हो गई है, वहीं खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। कुछ श्रीलंकाई नागरिक भोजन छोड़ने के लिए विवश हो गए हैं।
संकट से निपटने में सरकार की नाकामी से नाराज लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किए और महिंदा राजपक्षे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य हो गए। देश के 26वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने वाले विक्रमसिंघे ने कहा है कि वह सुनिश्चित करेंगे कि देश में परिवारों को तीन बार भोजन मिले। विश्व भर से और अधिक वित्तीय मदद की अपील करते हुए नए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भुखमरी की समस्या नहीं होगी, हम भोजन हासिल करेंगे।’
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि देश का सबसे खराब आर्थिक संकट ‘सुधरने से पहले और भी खराब होने वाला है।’ श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था को ‘खंडित’ बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई लोगों के लिए उनका संदेश है कि ‘धैर्य रखें, मैं चीजों को पटरी पर लाऊंगा।’ बता दें कि देश की कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था को उबारने और राजनीतिक गतिरोध समाप्त करने का इरादा जताते हुए यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के नेता विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के 26वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वह अब तक 4 बार श्रीलंका के पीएम रहे चुके हैं। महिंदा के 2020 में पीएम बनने से पहले भी रानिल ही श्रीलंका के पीएम थे। वह 1993 में पहली बार पीएम बने थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *