राजभाषा का महत्व बताया

रुड़की

राष्‍ट्रीय जलविज्ञान संस्‍थान रुड़की ने संघ की राजभाषा नीति, हिन्‍दी नोटिंग, ड्राफ्टिंग तथा पत्र लेखन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में स्‍वागत भाषण वरिष्‍ठ वैज्ञानिक एवं राजभाषा प्रभारी डॉ. मनोहर अरोड़ा ने दिया। कार्यशाला में मुख्‍य अतिथि के रूप में पूर्व उप निदेशक राजभाषा विभाग नई दिल्‍ली डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने व्‍याख्‍यान दिया। उन्‍होंने प्रतिभागियों को राजभाषा नीति, नियम, उप नियम तथा राजभाषा कार्यान्‍वयन के विभिन्‍न आयामों से परिचित कराया। राजभाषा के व्‍यावहारिक पहलुओं जैसे पत्र लेखन, टिप्‍पणी लेखन एवं राजभाषा प्रबंधन पर भी प्रकाश डाला। कार्यशाला का संयोजन संस्‍थान के वरिष्‍ठ अनुवाद अधिकारी प्रदीप कुमार उनियाल ने किया तथा संचालन पवन कुमार शर्मा ने किया। डॉ. मनोहर अरोड़ा ने सभी प्रतिभागियों को अपना ज्‍यादा ज्‍यादा कार्य हिन्‍दी में करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में संस्‍थान के महेन्‍द्र सिंह, पवन कुमार, निशा किचलू, किरण, सीमा भाटिया, नरेश कुमार, दौलतराम, वेदपाल, महीपाल, चरण सिंह चौहान, एनके लखेरा, जोनी वाकर, आलोक शर्मा, प्रदीप कुमार, पदम शर्मा आदि ने प्रतिभाग किया।

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