विकास के लिए तकनीक में नवाचार जरूरी
विकासनगर
जेबीआईटी में उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर (यूसर्क) और आईसीटी टेक्नोलॉजी के सहयोग से आयोजित नेशनल कांफ्रेंस का शनिवार को समापन हो गया। दो दिनों तक चली कांफ्रेंस में तकनीक में नवाचार पर मंथन किया गया। शनिवार को हुए समापन पर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के वाइस चेयरमैन प्रो. एमपी पुनिया ने कहा कि आज का युग तकनीक में नवाचार का युग है। लिहाजा एक दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा करने से नई जानकारी हासिल की जा सकती है। इससे तकनीक को उन्नत बनाने का मौका मिलता है। इससे एक ही छत के नीचे छात्रों को भी तकनीक के नए पहलू जानने का मौका मिलता है। कहा कि विकास के लिए तकनीक में नवाचार जरूरी है। विशिष्ट अतिथि प्रो. ललित अवस्थी ने कहा कि समाज के विकास में नई तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान है। युवाओं को तकनीक में नवाचार करना चाहिए, लेकिन यह ध्यान रहे कि तकनीक का उपयोग समाज के विकास के किया जाए। तकनीक का गलत उपयोग समाज के लिए घातक साबित हो सकती है। जीबी पंत विवि पंतनगर के पूर्व कुलपति डॉ. बीएस बिष्ट ने कृषि में नई तकनीक से आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाने की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. केके मेर, डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. अनीता रावत, राजेश कुमार, नवीन कुमार झा, डॉ. कुमुद उपाध्याय, डॉ. आरडी गर्ग, डॉ. इंद्रजीत सिंह, रजत सिंघल, डॉ. अमित कुमार बंसल आदि मौजूद रहे।

