बिल जारी किया किशनगढ़ से कर्नाटका का, ग्रेनाइट जालोर से लोड किया, फ्रॉड बिलिंग पर 1.44 लाख वसूले
जालोर
जालोर में जीएसटी टीम ने गलत बिलिंग के मामले में ग्रेनाइट स्लेब से भरा एक कंटेनर जब्त किया। जांच की तो चौकाने वाली गड़बड़ी सामने आई। विभाग ने इस प्रकरण में 1.44 लाख रुपए की पेनल्टी वसूली है। मामले में खास बात यह थी कि यदि यह ट्रेलर ग्रेनाइट लेकर हाइवे का रूट पकड़ लेता तो फिर इस तरह की गड़बड़ी पकड़ पाना विभाग के लिए नामुमकिन हो जाता। इधर, इस टे्रलर में करीब 4 लाख का तैयार ग्रेनाइट था जो गलत बिलिंग के मार्फत कर्नाटका राज्य तक भेजा जाने वाला था, लेकिन स्टेट जीएसटी टीम की सजगता से यह माल पकड़ा गया है। पिछले चार माह में विभागीय कार्रवाई पर गौर करें तो सर्वाधिक कार्रवाई ग्रेनाइट में गड़बड़ी से जुड़ी पकड़ी गई है। यह सिलसिला अब भी जारी है।
इस मामले में बिल किशनगढ़ से जारी किया गया था, जबकि यह माल जालोर से कर्नाटका जा रहा था। यह मामला बुक्स ऑफ अकाउंट से जुड़ा हुआ है। सीधे तौर पर किशनगढ़ की फर्म के पास बुक्स ऑफ अकाउंट में वह माल दर्शाया गया है, जिसकी डिमांड कर्नाटका राज्य में थी। जबकि हकीकत में उसके पास वह माल नहीं नहीं था। इस स्थिति में इस फिनिश माल के लिए जालोर में संपर्क किया गया तो यहां की फर्म ने तैयार माल डिमांड के लिए रवाना कर दिया। सीधे तौर पर किशनगढ़ से ऑन द रिकार्ड यह माल कर्नाटका पहुंच रहा था, जबकि गलत बिलिंग का तानाबाना तैयार कर जालोर से यह कंटेनर रवाना किया गया। जिस पर इस ट्रेलर को डिटेन किया गया और प्रकरण की जांच के साथ कार्रवाई करते हुए पेनल्टी वसूली गई।
ये मामले भी इसी तरह की गड़बड़ी के
– करीब छह माह पूर्व भी स्टेट जीएसटी टीम ने कार्रवाई को अंजाम देते हुए ग्रेनाइट से लदे टे्रलर को जब्त किया था। वैल्यूशन की गड़बड़ी के साथ ई-वे बिल नहीं था, 70 हजार पेनल्टी वसूली गई थी।
– अपे्रल से जुलाई 2022 के बीच स्टेट जीएसटी टीम ने 20 के लगभग कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसमें से 15 के करीब मामले तो ग्रेनाइट से जुड़े हुए हैं। इसमें अधिकतर में ई-वे बिल गड़बड़ी से जुड़े मामले ही अधिक है।
– 15 मार्च 2019 को एक ही ई-वे बिल से दोबारा भेजे जा रहे ग्रेनाइट फिनिश गुड्स के मामले में टीम ने कार्रवाई करते हुए पेनल्टी वसूली थी। इधर, सेंट्रल जीएसटी टीम ने वर्ष 2019 में ही 18 कार्रवाई को अंजाम दिया था, जिसमें गड़बड़ी के 17 मामले में केवल ग्रेनाइट से ही जुड़े थे।
इस तरह के मामले में भी पकड़ आ चुके
जालोर की पहचान ग्रेनाइट उद्योग में बिलिंग, ई-वे बिलिंग में गड़बड़ी समेत क्वांटिटी में गड़बड़ी के मामले भी पकड़े जा चुके हैं। मार्च 2019 में कार्रवाई के दौरान दो टे्रलर में माल की मात्रा में अंतर पाया गया था। एक ट्रेलर में 2500 स्क्वायर फीट माल दर्शाया गया था, जबकि उसमें 5800 स्क्वायर फीट माल था। दूसरे ट्रक में 2400 स्क्वायर फीट माल दर्शाया गया था, जबकि मैजरमेंट में 4400 स्क्वायर फीट माल था।
इनका कहना
दो दिन पूर्व ग्रेनाइट से भरे ट्रेलर गलत बिलिंग से जुड़े प्रकरण में 1.44 लाख रुपए की पेनल्टी वसूली गई है। बिल किशनगढ़ से कर्नाटका राज्य का था, जबकि माल का लदान जालोर से किया गया था।
– प्रकाश विश्नोई, उपायुक्त, स्टेट जीएसटी
