देश में अवसंरचना संबंधी किसी भी परियोजना के लिए धन की कमी नहीं, ना होने दी जाएगी रू गोयल

नई दिल्ली

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में कहा कि देश में अवसंरचना संबंधी किसी भी परियोजना के लिए न तो धन की कमी बाधक बनी है और न ही ऐसा होने दिया जाएगा। उन्होंने शून्यकाल में कहा कि अगर ऐसी किसी परियोजना में विलंब हो रहा है, तब इसका कारण समय पर जमीन का अधिग्रहण न हो पाना, कोई विवाद या कुछ और हैं। गोयल ने यह बात तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक द्वारा अवसंरचना संबंधी केंद्रीय परियोजनाओं में विलंब का मुद्दा सदन में उठाए जाने पर कही।
तृणमूल कांग्रेस के हक ने बंगाल में स्मार्ट सिटी, सड़क, रेलवे, पेट्रोलियम सहित अवसंरचना संबंधी केंद्रीय परियोजनाओं में विलंब का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि 1514 परियोजनाओं में से करीब 700 परियोजनाओं में अलग अलग कारणों से विलंब हो रहा है। हक ने कुछ परियोजनाओं का जिक्र कर बताया कि ये परियोजनाएं लंबे समय से अटकी हैं, इसका कारण कोरोना से लेकर समय पर केंद्र की ओर से धन नहीं दिया जाना आदि हैं।
भाजपा की सुमित्रा ने एक अगस्त को जबलपुर में एक निजी अस्पताल में आग लगने का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह के हादसे हुए हैं और लोगों की जान गई है। उन्होंने मांग की इसतरह के हादसों से सबक सीख कर इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। भाजपा के ही आदित्य प्रसाद ने झारखंड में अब तक पर्याप्त बारिश न होने की वजह से धान के बीज खराब होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां पर धान की रोपाई केवल बारह प्रतिशत ही हो पाई है। इसी दल के दीपक प्रकाश ने मांग की कि केंद्र सरकार को झारखंड में एक विशेष जांच दल भेजकर स्थिति का आकलन करना चाहिए।
बीजू जनता दल के अमर पटनायक ने कटाई के बाद समुचित रखरखाव और अवसंरचना के अभाव में अनाज तथा खाद्य सामग्रियों को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महंगाई एक समस्या है ही, लेकिन समुचित रखरखाव और अवसंरचना की व्यवस्था कर देश के श्श्फूड बास्केटश् में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है।

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