दिल्ली में लोगों से मिलने पर नहीं बढ़ता कद सीएम नीतीश पर प्रशांत किशोर का तंज
नई दिल्ली
बिहार सीएम नीतीश कुमार की हालिया दिल्ली यात्रा पर राजनीतिक रणनीतिकार और राजनीतिज्ञ प्रशांत किशोर ने तीखे वार किए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें नया क्या है, हम कैसे मान लें कि विपक्ष कुछ नया कर रहा है? मुझे नहीं लगता कि यह 2024 के चुनावों से संबंधित कोई बड़ा बदलाव लाएगा। मुझे नहीं लगता कि यह राष्ट्रीय राजनीति को बिल्कुल भी प्रभावित करेगा। अगर कोई दिल्ली में लोगों से मिल रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रीय स्तर पर उसका कद बढ़ रहा है। दरअसल, भागलपुर में मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में जो राजनीतिक घटनाक्रम है, वो केवल राज्य विशिष्ट मुद्दा है और मुझे नहीं लगता कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर असर पड़ेगा। कथित तौर पर जो आदमी अभी विपक्ष में है, वो दिल्ली जाकर दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात करता है। आगे यह भी कहा कि केवल मुलाकात करने से विपक्ष नए तरीके और रणनीति के साथ खड़ा हो रहा है, ऐसा मुझे नहीं लगता है। मैंने तो कहीं ऐसी घोषणा नहीं देखी जिसमें सारे विपक्ष के नेता एक साथ बैठकर किसी चेहरे आदि की घोषणा की हो। अभी मुझे इस प्रयास में कुछ नई बात नहीं दिखती है। आपको बता दें कि बीती पांच सितंबर को बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार पटना से दिल्ली पहुंचे थे। मुद्दा रहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों को एकमंच पर लाने की कोशिश में लगे हैं। इसी कड़ी में नीतीश ने 48 घंटों में करीब 11 नेताओं से मुलाकात की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी सांसद मुलायम सिंह यादव समेत शरद पवार से उन्होंने मुलाकात की। इस दौरान नीतीश ने विपक्षी एकता पर बात की। कहा कि सभी लोग मिलकर लड़ेंगे तो देशहित में निर्णय होगा। मालूम हो कि एक दिन पहले यानी 7 सितंबर को चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के जारी बयानों को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करार जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि मेरे साथ भी उन्होंने काम किया है। अब बिहार में रहकर वो जो कुछ भी कर रहे हैं वो करते रहे। उनके किसी भी बयान का कोई महत्व नहीं है।
