बारिश थमी बद्रीनाथ-केदारनाथ में रौनक लौटी
नई दिल्ली
भू बैकुंठ कहे जाने वाले श्री बद्रीनाथ और पुण्य भूमि कहे जाने वाले केदारनाथ धामों में बरसात कम होने के बाद एक बार फिर से रौनक लौट रही है तो मई-जून की तरह यात्रियों का सैलाब उमड़ने लगा है। दोनों ही धामों में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, वह भी तब जबकि अभी करीब डेढ़ महीने की चारधाम यात्रा शेष है। 2019 में जितने श्रद्धालु पूरी यात्रा के दौरान पहुंचे थे, चारों धामों में अभी करीब साढ़े चार महीने की यात्रा में ही उससे ज्यादा पहुंच चुके हैं और बारिश के दौर के बाद एक बार फिर यात्रा चरम की तरफ है। पहले बद्रीनाथ धाम की बात करें तो रिकॉर्ड तोड़ तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। बद्रीनाथ धाम में अभी तक 11,67,000 से ज्यादा तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। इन दिनों औसतन 8000 तीर्थयात्री बद्रीनाथ रोजाना पहुंच रहे हैं और भगवान नारायण के दर्शन कर रहे हैं। पितृपक्ष में बड़ी संख्या में बद्रीनाथ में यात्रियों के पहुंचने की उम्मीद है इसलिए नये रिकॉर्ड बनने की तरफ भी सबकी नजर है। इधर, धाम में धूप खिलने के बाद मौसम सुहाना हो गया है। धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी के बाद बद्रीनाथ धाम में लगातार तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पवार की मानें तो राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से ज्यादा तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। विश्व विख्यात केदारनाथ यात्रा के इतिहास में पहली बार सिर्फ 126 दिन की यात्रा में 11 लाख तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन कर लिये हैं। यात्रा इतिहास में यह रिकॉर्ड है। 2019 में 10 लाख यात्री छह माह के दौरान केदारनाथ पहुंचे थे, लेकिन इस बार की यात्रा ने पुराने सभी रिकार्डों को ध्वस्त कर दिया है। वैसे अभी भी डेढ़ माह की यात्रा शेष बची हुई है इसलिए केदारनाथ आने वाले यात्रियों का आकंड़ा 13 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है।
