अंकिता हत्याकांड :  प्रदर्शनकारियों और पुलिस में नोकझोंक  

पौड़ी

अंकिता हत्याकांड में शामिल आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को छात्रों और शहरवासियों ने रैली निकालकर डीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित लोगों व पुलिस के बीच कई बार नोकझोंक भी हो गई। जिसमें कांग्रेस के प्रदेश सचिव घायल हो गए, मौके पर एबुलेंस भी बुलानी पड़ी। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने अंकिता के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने, अंकिता मामले में वीआईपी का नाम बताने, हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने, अंकिता के परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी देने, वास्तविक पोस्टमार्टम को सार्वजनिक करने, अंकिता हत्याकांड के मुकदमे को उत्तराखंड से बाहर किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित न करने की मांग उठाई। इस दौरान आक्रोशित छात्र और लोग डीएम कार्यालय के बाहर ही धरने में बैठ गए और डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए लेकिन काफी देर तक भी डीएम यहां नहीं पहुंचे। जिससे प्रदर्शनकारी भड़क गए और जबरन डीएम कार्यालय में घुसने लगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस की कई बार नोकझोंक भी हो गई। जिसमें कांग्रेस के प्रदेश सचिव दीपक असवाल भी घायल हो गए। करीब 2 घंटे बाद डीएम अपने कार्यालय आए और आक्रोशित लोगों से ज्ञापन लिया। इस दौरान लोगों ने कहा कि एसआईटी जांच से वे संतुष्ट नहीं है मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए। कहा कि जल्द ही मामले की जांच सीबीआई से नहीं कराए जाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनोद नेगी, ब्लाक प्रमुख दीपक कुकशाल, कविंद्र इष्टवाल, पूनम कैंतोरा, मोहित सिंह, नितिन बिष्ट, नितिन रावत, आस्कर रावत, भाष्कर बहुगुणा, विनोद दनोशी, नमन चंदोला, नीलम रावत, कमला रावत, सरिता नेगी, ऋषिकांत आदि शामिल थे।

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