निवेशकों की पूंजी पिछले वर्ष 16.38 लाख करोड़ बढ़ी
मुंबई
विश्व में मुद्रास्फीति को लेकर चिंता और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बाद भी घरेलू शेयर बाजारों ने अच्छा प्रदर्शन किया जिससे वर्ष 2022 में निवेशकों की पूंजी में 16.38 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हो गई। विश्लेषकों ने इस अच्छे प्रदर्शन के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर वृहद-आर्थिक बुनियादी पहलुओं खुदरा निवेशकों के भरोसे और विदेशी निवेशकों के फिर से खरीदारी करने जैसे कारकों को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि इन वजहों से ही भारतीय बाजारों ने वर्ष 2022 में दुनिया के अन्य बाजारों की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन दिखाया है। साल के शुरुआती हिस्से में बाजारों को रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने का तगड़ा आघात लगा। जब रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला बोला तो बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स 2702.15 अंकों की भारी गिरावट के साथ धराशायी हो गया था। हालांकि उसके बाद के महीनों में सेंसेक्स ने अपनी खोई जमीन को फिर से पा लिया और तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद साल का समापन 2586.92 अंक की बढ़त के साथ किया।

