गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व मनाया
विकासनगर
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मांडूवाला में शनिवार को गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व मनाया गया। विद्यालय में शबद कीर्तन किया गया। छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम गुरु तेग बहादुर के जीवन से जुड़ी घटनाओं का वर्णन किया। शिक्षिका सुखविंदर कौर ने छात्रों को बताया कि अमृतसर में जन्मे गुरु तेग बहादुर गुरु हरगोविन्द जी के पांचवें पुत्र थे। 8वें गुरु हरिकृष्ण राय के निधन के बाद इन्हें 9वां गुरु बनाया गया था। उन्होंने आनन्दपुर साहिब का निर्माण कराया और ये वहीं रहने लगे थे। मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया। इस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम तेग बहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया। बताया कि गुरु तेग बहादुर अपने त्याग और बलिदान के चलते हिंद की चादर कहलाए। अपने धर्म, मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए विश्व इतिहास में जिन लोगों ने प्राणों की आहुति दी, उनमें गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अग्रिम पंक्ति में हैं। इस दौरान प्रधानाचार्य राकेश मैंदोला, नीरज ठाकुर, रसपाल सिंह, राजेश शर्मा, राहुल भट्ट, नरेंद्र नेगी, पायल पुंडीर, प्रियंका शर्मा, कीरत सैनी आदि मौजूद रहे।

