कुरीतियां और दुर्व्यसन छोड़कर शिक्षा की तरफ बढ़ें
रुड़की
कश्यप निषाद संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने समाज के लोगों को कुरीतियां और दुर्व्यसन त्यागकर बच्चों को शिक्षित बनाने का संदेश दिया। साथ ही दो अप्रैल को महर्षि कश्यप जयंती मनाने का निर्णय लिया गया। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर कश्यप ने प्रदेश अध्यक्ष ऋषिपाल कश्यप के साथ दीपक जलाकर प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक शुरू की। कहा कि उनका समाज दशकों तक हाशिए पर रहा है। उनके उत्थान के लिए योजनाएं तो कई बनी लेकिन इसका लाभ समाज के हर व्यक्ति तक नहीं पहुंच सका है। उन्होंने शिक्षा की कमी को इसकी सबसे बड़ी वजह वजह बताया और समाज के लोगों से कुरीतियां, दुर्व्यसन छोड़कर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की अपील की। इसके बाद महर्षि कश्यप जयंती मनाने पर भी विचार किया गया। तय किया गया कि इस बार 2 अप्रैल को जयंती पर लक्सर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, बिहार सहित दूसरे राज्यों से कश्यप, निषाद समाज के जिम्मेदार लोग हिस्सा लेंगे। बैठक में समाज के स्थानीय लोगों को जयंती कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

