त्यूनी अग्निकांड के बाद जिलाधिकारी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
देहरादून
जनपद के त्यूनी में आग लगने से चार मासूमों के जिंदा जलने के बाद आज सुबह जिलाधिकारी घटना स्थल के निरीक्षण को पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने घटनाक्रम के विषय में विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर जिलाधिकारी सोनिका ने मृतकों के परिजनों से मिलकर उनको ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी की निगरानी में मृतक बालिकाओं के शव को खोजने हेतु एसडीआरएफ व अन्य टीमों द्वारा रेस्क्यू जारी है। इस अवसर पर बताया गया कि त्यूनी में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी सूरतराम जोशी का लकड़ी का चार मंजिला घर सड़क के किनारे स्थित है। इसमें मकान मालिक के साथ ही पांच परिवार किराये पर रहते हैं। इस अवसर पर बताया गया कि गत दिवस शाम को घर के अंदर किराये पर रहने वाले पांच बच्चे, दो पुरुष और एक महिला थी। इस अवसर पर घटनाक्रम के अनुसार करीब चार बजे किराये पर रहने वाले विक्की की पत्नी कुसुम किचन में रसोई गैस सिलिंडर बदल रही थीं। इसी दौरान अचानक सिलिंडर ने आग पकड़ ली। हड़बड़ाहट में कुसुम ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग ने लकड़ी से बने मकान को चपेट में लेना शुरू कर दिया। इस अवसर पर बताया गया कि किराये पर रहने वाले अन्य परिवारों के सदस्यों के शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण पहुंच गए। उधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाना शुरू किया। लेकिन, वाहन में पानी कम होने के कारण वह दस मिनट में ही खत्म हो गया। आग विकराल हुई तो घर में रखे चार सिलिंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फटे। जब तक फायर बिग्रेड की टीम पानी लेकर वापस आई। इस अवसर पर बताया गया कि आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था। इससे अंदर मौजूद चार बच्चों की मौत हो गई। वहीं, विक्की चौहान, भगत, कुसुम और स्वाती (15) झुलस गए। गनीमत रही कि वे किसी तरह बाहर निकल आए। इनमें कुसुम की हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर किया गया है। उधर, डीएम देहरादून के कहने पर उत्तरकाशी के डीएम ने एक अग्निशमन वाहन मोरी से भेजा। एक वाहन हिमाचल प्रदेश के जुबल से भी बुला लिया गया, लेकिन, तब तक मकान राख हो चुका था। वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी ने चिकित्सालय त्यूनी में पहंुचकर व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और दवाईयों व स्टॉक की जानकारी ली।

