एसडीएम कोर्ट ने ज्ञानदेव की प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी को सही माना

 

हरिद्वार। सोसायटी पंजीकरण ऐक्ट के अंतर्गत निर्मल पंचायती अखाड़ा कनखल की प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी के विवाद में एसडीएम कोर्ट ने श्रीमहंत ज्ञानदेव की प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी के पक्ष में फैसला दिया है। एसडीएम कोर्ट ने रेशम सिंह द्वारा गठित प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी को निरस्त कर दिया है। एसडीएम सदर पूरण सिंह राणा की कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनते हुए और सभी तथ्यों पर संज्ञान लेते हुए श्री महंत ज्ञानदेव की प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी को नियमानुसार गठित व सही माना है। निर्मल पंचायती अखाड़ा कनखल की प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी को लेकर श्रीमहंत ज्ञानदेव और रेशम सिंह ने अपना-अपना दावा पेश किया था। जिसे लेकर दोनों पक्षों के मध्य कई बार विवाद की स्थिति भी बनी रही। जिस पर पक्षों को कोर्ट में तलब किया गया था। रेशम सिंह पक्षकार ने दावा किया गया था कि निर्मल अखाड़ा अकाल तख्त के अधीन है, अकाल तख्त के द्वारा रेशम सिंह की कमेटी को सही माना है। एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि दोनों पक्षों को विस्तृत रूप से सुना गया और अभिलेखों का परीक्षण किया गया। एसडीएम ने बताया कि रेशम सिंह इत्यादि के द्वारा गठित नई प्रबंधकारिणी कमेटी अखाड़ा परंपरा के अनुसार सही नहीं है। उनकी कमेटी के कई सदस्य गृहस्थ हैं, जो कि निर्मल पंचायती अखाड़े की परंपराओं जैसे सदस्यों को संस्कृत का ज्ञान होना, गेरुवा वस्त्र व पोपीन धारण करना, अविवाहित होना इत्यादि का रेशम सिंह के द्वारा गठित कमेटी के सदस्य अनुपालन नहीं करते हैं। रेशम सिंह द्वारा गठित कमेटी के सदस्य कृपाण व कड़ा इत्यादि धारण करते हैं, जोकि अखाड़ा परम्पराओं के विपरीत है। श्री महंत ज्ञानदेव एक वेदान्ती संत हैं। जिनके द्वारा निर्मल पंचायती अखाड़े के सभी परंपराओं का अच्छे से निर्वहन किया जा रहा है। श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा एक स्वायत्त संस्था है और न कि अकाल तख्त के अधीन है। एसडीएम ने बताया कि उपरोक्त सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कि रेशम सिंह द्वारा गठित कमेटी को निरस्त गया व श्रीमहंत ज्ञानदेव की द्वारा गठित प्रबन्ध कार्यकरणी सही पाई गई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *