वेतन समय से ना मिलने पर आर्थिक बोझ से गुजरना पड़ रहा

हरिद्वार

चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएँ उपशाखा गुरुकुल के कर्मचारियों एवं संविदा कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से माह मई का वेतन न मिलने पर प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार किया। इस मौके पर उपशाखा मंत्री आशुतोष गैरोला, उपाध्यक्ष ताजबर सिंह नेगी ने संयुक्त रूप से कहा कि कुलसचिव डॉ. अनूप गक्खड़ की प्रदेश पदाधिकारियों एवं संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता में आश्वासन के बाद भी आज तक ऋषिकुल एवं गुरुकुल आयुर्वेदिक चिकित्सालय व कालेज का वेतन का बजट नही आया है। जिसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक बोझ से गुजरना पड़ रहा है, अब कर्मचारियों के आगे अपने वेतन के लिए आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। कर्मचारियों का वेतन भुगतान में हर माह इसी प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जोकि किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं होगा। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा एवं उपसचिव छत्रपाल सिंह चौहान शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ विश्विद्यालय ने संयुक्त रूप से कहा कि कर्मचारियों को विश्विद्यालय बनने के बाद आर्थिक व मानसिक रूप से गुजरना पड़ रहा है। कर्मचारियों को विश्विद्यालय से अलग कर दिया जाए या ऋषिकुल एवं गुरुकुल आयुर्वेदिक चिकित्सालय कालेज को विश्विद्यालय से अलग करने पर ही कर्मचारियों की समस्याओं का हल निकल सकता है। कर्मचारियों ने डीडीओ कोड बहाली की मांग इसलिए की थी कि कर्मचारियों के वेतन भत्ते समय से मिल सके, लेकिन कर्मचारियों की मांग अनसुनी कर दी गई। यदि 25 जून तक कर्मचारियों की मांगों का निस्तारण न होने की दशा में 26 जून को ऋषिकुल एवं गुरुकुल के कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे। संविदा कर्मचारियों को भी वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है, अगर निस्तारण नही हुआ तो तालाबंदी एवं आयुर्वेद विश्विद्यालय का घेराव भी किया जायेगा। जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व आयुर्वेद विश्विद्यालय का होगा। प्रदर्शन करने वालों में आषुतोष गैरोला, ताजबर सिंह नेगी, प्रदीप सिंह नेगी, यशोदा रतूड़ी, अनुभा भट्ट, लोकेंद्र, सतीश चंद, मनीष पंवार, कश्मीरी लाल, योगेश, पप्पू, सहदेव, ममता पाल, राजू कश्यप, विनय चौहान, रोहित कुमार, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।

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