सीसीआई ने इंटेल पर 27.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, भारत-विशिष्ट वारंटी नीति को बताया प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन
नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इंटेल कॉर्पोरेशन पर प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 4 के उल्लंघन के लिए 27.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मैट्रिक्स इन्फो सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा धारा 19(1)(क) के तहत दायर शिकायत के आधार पर की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इंटेल ने 25 अप्रैल 2016 से भारत में बॉक्स्ड माइक्रो प्रोसेसर (BMP) के लिए अपनी वारंटी नीति में बदलाव करते हुए यह शर्त लागू की कि वारंटी का लाभ केवल उन्हीं उत्पादों पर मिलेगा जो इंटेल के अधिकृत भारतीय वितरकों से खरीदे गए हों। इस ‘भारत-विशिष्ट वारंटी नीति’ के तहत विदेशों से खरीदे गए उत्पादों पर भारत में वारंटी दावे स्वीकार नहीं किए जाते थे और ग्राहकों को उन्हें खरीद के देश में भेजने के लिए कहा जाता था।
आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पाया कि भारत में डेस्कटॉप के लिए बॉक्स्ड माइक्रो प्रोसेसर के संबंधित बाजार में इंटेल प्रमुख स्थिति में है। सीसीआई ने कहा कि भारत में लागू वारंटी नीति चीन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों की नीतियों की तुलना में भेदभावपूर्ण थी। आयोग के अनुसार, इस नीति ने समानांतर आयातकों और उपभोक्ताओं के विकल्पों को सीमित किया, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
सीसीआई ने माना कि यह नीति करीब आठ वर्षों तक लागू रही। हालांकि, 1 अप्रैल 2024 से इस नीति को वापस लेने जैसे राहतकारी कारकों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इंटेल के औसत संबंधित कारोबार पर 8 प्रतिशत की दर से गणना किए गए जुर्माने को घटाकर 27.38 करोड़ रुपये निर्धारित किया।
आयोग ने इंटेल को निर्देश दिया है कि वह विवादित नीति को वापस लेने की व्यापक घोषणा करे और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करे। यह आदेश केस संख्या 05/2019 में पारित किया गया है और इसकी प्रति सीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

