देवदूत बनकर खाई में उतरे गजेंद्र सहित पांचों साथी
विकासनगर
शनिवार रात को दसेऊ निवासी गजेंद्र नौटियाल खाना खाने के बाद रात को करीब साढ़े नौ बजे घर के बाहर टहल रहे थे। तभी उनकी नजर सामने रोड पर यूटर्न बैंड पर पड़ी जहां कुछ दूरी पर कार की लाइट देखी। कुछ देर बार धमाका सुनाई दिया। तब गजेंद्र को लगा कि कोई अनहोनी हो गयी। कार की लाइट नहीं दिखी। पांच मिनट हुए थे गजेंद्र सोच ही रहे थे कि तभी उनके फोन की घंटी बजी। फोन उठाया तो एक युवक ने कहा कि जल्द मदद करो और बचा लो हमें। जिस पर गजेंद्र ने गांव के अपने चार साथियों सुनील नौटियाल, सुरेंद्र नौटियाल, सुभाष नौटियाल और रोहित नौटियाल को सूचना दी। चारों बाइक पर बैठकर घटना स्थल की ओर गये। जहां सड़क पर जय सिंह चौहान मिला। जय सिंह ने कहा कि वह पहाड़ी पर बच गया। स्वयं खाई से ऊपर आ गया। उसे कुछ नहीं हुआ। उसे अस्पताल नहीं जाना। उसके चार अन्य भाइयों को बचा लो। गजेंद्र और उसके चार साथी छह सौ मीटर गहरी खाई में उतरे। जहां प्रीतम सिंह और बदावर सिंह की मौत हो चुकी थी। जबकि रणवीर सिंह और संजय सिंह की सांसें चल रही थीं। पांचों पहले दोनों घायलों को उठाकर सड़क पर लाये और एक सौ आठ से अस्पताल के लिए भिजवाया। जिसमें उनके साथ जय सिंह भी अस्पताल चला गया। हालांकि संजय और रणवीर ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उसके बाद एसडीआरएफ ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
