पर्यावरण बचाने का दिया संदेश
देहरादून
विश्व पृथ्वी दिवस पर संयुक्त नागरिक संगठन ने गांधी पार्क में पर्यावरण बचाओ अभियान चलाया। जिसमें शहर भर से पर्यावरण प्रेमियों ने हिस्सा लिया। संगठन के सचिव सुशील त्यागी ने कहा कि राजधानी में आम जनजीवन को वायु प्रदूषण से खतरा उत्पन्न हो गया है इसलिए पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए ही सुनियोजित विकास जरूरी है। राजधानी में गर्मी का स्तर बढ़ता जा रहा है फिर भी एक्सप्रेसवे की योजनाएं बनाकर हजारों पेड़ों को काटा जाना विनाश का प्रतीक है। आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती ने कहा कि दून के चारों ओर प्रस्तावित 85 किलोमीटर लम्बे एक्सप्रेस-वे को एलिवेटेड रोड में बनाया जाना जरूरी है। जिससे पेड़ो को बचाया जा सके। रिटायर ब्रिगेडियर केजी बहल ने कहा कि जल जंगल जमीन को सुरक्षित रखने के लिए उत्तराखंड में भूकानून पर सरकार को शीघ्र निर्णय लेना भी जरूरी होगा। इस अवसर पर पर्यावरण अभियान को विस्तृत बनाने के लिए उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत और निर्मला बिष्ट ने सामाजिक संस्थाओं को पहल करने का आह्वान किया। इस दौरान नेशनल पेरेंट्स एसोसिएशन के आरिफ खान, गवर्नमेंट पेंशनर संगठन के चौधरी ओमवीर सिंह,कर्नल बीएम थापा, हिमालय पर्यावरण सोसाइटी के जगदीश बावला, प्रमुख संस्था के पीके ककण, बैंक इंप्लाइज यूनियन के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन मेहंदीरत्ता, सोशल जस्टिस फाउंडेशन की आशा टमटा,दून फूडरिलीफ फंड के जितेंद्र डडोना, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के मुकेश नारायण शर्मा, अखिल भारतीय समानता मंच के जेपी कुकरेती, प्राउड पहाड़ी के हृदयेश शाही,अर्थ एंड क्लाइमेट इनीशिएटिव की डाक्टर आंचल शर्मा,क्षत्रिय चेतना मंच के आर एस कैंतूरा, दून सिख वेलफेयर सोसाइटी केजी जस्सल, वेस्ट वारियर्स के नवीन सदाना, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती, स्पेक्स संस्था के डॉक्टर बृज भूषण शर्मा और एडीआर के रविंद्र प्रधान आदि थे।
