बैंक को सेवा में कमी का दोषी मानकर किया हर्जाना
रुड़की
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक उपभोक्ता के सीसी लिमिट खाते में बंधक सम्पत्ति के होते हुए बिना अनुमति मुद्रा लोन में बदलकर गलत रूप से दो बार इंश्योरेंस प्रीमियम काट लिया। गलत रूप से एक खाता और खोल दिया। इसे उपभोक्ता सेवा में कमी मानते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने गलत रूप से ली गई प्रीमियम राशि अंकन 30,395 रुपये का भुगतान उपभोक्ता को मय 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज़ के करने का आदेश दिया है। साथ ही विशेष क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रुपये व वाद व्यय के रूप में दस हजार रुपये देने का भी फैसला सुनाया है। अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि डबल फाटक रुड़की निवासी धर्मेंद्र सिंह ने अपनी आजीविका के लिए मैसर्स आकांक्षा कंस्ट्रक्शन नाम से एक फर्म बनाकर उसका खाता उक्त बैंक में खुलवाया हुआ है जिसमे बैंक द्वारा सेवा में कमी करते हुए सीसी लिमिट खाते को मुद्रा लोन में गलत रूप से बदल दिया और गलत रूप से इंश्योरेंस की प्रीमियम काट ली। साथ ही एक अतिरिक्त खाता भी खोल दिया। जिससे परेशान होकर उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में 10 मार्च 2021 को शिकायत की जिस पर सुनवाई करते हुए इस अतिरिक्त खाते को भी जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष कंवर सैन, सदस्यगण अंजना चड्ढा व विपिन कुमार ने अपने निर्णय आदेश के तहत निरस्त कर दिया है।
