शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का शोषण बंद हो
कोटद्वार
सरोजनी देवी लोक विकास समिति ने शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का शोषण बंद करने की मांग की है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में समिति के सदस्यों ने कहा है कि सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा का लाभ उठाकर निजी विद्यालय अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की निरंकुशता के कारण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजीकृत निजी विद्यालय वर्तमान में धनार्जन का केंद्र बन चुके हैं। कमर तोड़ महंगाई के इस दौर में महंगी फीस आम आदमी पर कहर बनकर टूट रही है। कोरोना काल में मंदी के दौरान भी निजी स्कूलों द्वारा पूरी फीस वसूलना उनकी सामंती मानसिकता को दर्शाता है। शिक्षा विभाग द्वारा निजी विद्यालयों की फीस नियंत्रित न करने के कारण विद्यालय मनमर्जी की फीस वसूल रहे हैं। कहा कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के बाद भी निजी स्कूल अपना हित साधने के लिए ऊंचे दाम वाली पाठ्यपुस्तक थोप रहे हैं। अभिभावकों को शोषण से बचाने के लिए अनिवार्य रूप से फीस कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, नारायण सिंह नेगी, गंभीर सिंह असवाल और चंद्र सिंह नेगी आदि थे।
