रामलला के दर्शन करना चाहता था, पर तबीयत ठीक नहीं होने के चलते टालना पड़ा दौरा

मुंबई

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) चीफ राज ठाकरे ने पुणे में एक बड़ी रैली को संबोधित किया। औरंगाबाद के बाद यह उनकी दूसरी रैली है। इस रैली में राज ठाकरे ने बताया कि आखिर क्यों उनका अयोध्या दौरा रद्द किया गया। उन्होंने कहा कि अगर मैं अयोध्या जाता तो मेरे खिलाफ कई केस दर्ज कर दिए जाते। मैं अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करना चाहता था। लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने के चलते ऐसा नहीं हो पाया।
पुणे में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि जल्द से जल्द समान नागरिक संहिता लाए, जनसंख्या नियंत्रण पर भी कानून लाए और औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर किया जाए। राज ठाकरे ने कहा कि दो दिन पहले मैंने अपनी अयोध्या यात्रा स्थगित करने के बारे में ट्वीट किया था। मैंने जानबूझकर बयान दिया ताकि सभी को अपनी प्रतिक्रिया देने की अनुमति मिल सके, जो लोग मेरी अयोध्या यात्रा के खिलाफ थे, वे मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मैंने इस विवाद में नहीं पड़ने का फैसला किया।
जब मैंने अपने कार्यकर्ताओं को लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने के लिए कहा, तो राणा दंपत्ति (रवि और नवनीत राणा) ने कहा कि वे मातोश्री में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। क्या मातोश्री मस्जिद है? बाद में शिवसैनिकों और राणा दंपत्ति के बीच क्या हुआ, यह तो सभी जानते हैं।
पुणे की रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि, क्या शिवसेना यह तय करेगी कि असली और नकली हिंदुत्व क्या है।
उत्तर भारतीयों के अपमान के आरोप पर उन्होंने कहा हमारा आंदोलन इसलिए था कि लोगों को अपने राज्य में ही नौकरी मिले। अब हमसे माफी मांगने की बात क्यों कही जा रही है। हमने पाकिस्तानी कलाकारों को मुंबई से बाहर निकालने का काम किया। आपने कौन सा आंदोलन किया?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *