केंद्र ने जीएसटी क्षतिपूर्ति का बकाया निपटाने के लिए राज्यों को दिए 86,912 करोड़
नयी दिल्ली
केंद्र सरकार ने कहा कि उसने राज्य सरकारों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति के बकाए के निपटान के लिए 86,912 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इससे राज्यों का इस मद पर 31 मई 2022 तक का पूरा बकाया बेबाक हो चुका है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह फैसला राज्यों को संसाधनों के बेहतर प्रबंध में मदद और यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि वे चालू वित्त वर्ष में विशेष रूप से अपने पूंजीगत व्यय कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू कर सकें।
वित्त मंत्रालय का कहना है कि उसके पास जीएसटी क्षतिपूर्ति कोष में करीब 25,000 करोड़ रुपये थे। उसने अपने कोष से धन जोडक़र राज्यों को क्षतिपूर्ति की राशि चुकायी है। केंद्र अपने कोष की भरपाई जीएसटी सैस की वसूली से करेगा।
गौरतलब है कि 01 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किए जाने के समय राज्यों को आश्वासन दिया था कि वह पहले पांच साल तक उनके राजस्व में जीएसटी लागू होने के कारण आयी कमी की भरपाई करेगा। इसके लिए जीएसटी (राज्यों को क्षतिपूर्ति) अधिनियम 2017 में इसके तहत पांच साल की क्षतिपूर्ति का प्रावधान किया गया था। इसके लिए जीएसटी में विलास्ता की वस्तुएं और शराब आदि जैसी अहितकर चीजों पर विशेष उपकर लगाने का प्रावधान किया गया है।
कोविड महामारी और लॉकडाउन के दौरान राजस्व वसूली प्रभावित होने के कारण केंद्र सरकार राज्यों को हर दूसरे महीने जीएसटी क्षतिपूर्ति का भुगतान समय से नहीं कर पा रही थी और इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने 2020-21 में 1.1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेकर राज्यों को दिया था। इसी तरह वित्त वर्ष 2021-22 में केंद्र ने 1.59 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेकर राज्यों को भुगतान किया था।
