गढ़वाल विवि के शिक्षणेत्तर कर्मियों ने दी सत्याग्रह की धमकी
श्रीनगर गढ़वाल
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि कर्मचारी संघर्ष समिति ने एक दशक से लंबित पड़ी मांगों पर कार्रवाई न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। गुरुवार को कुलसचिव को सौंपे ज्ञापन में समिति ने कहा है कि यदि एक माह के अंदर उनकी मांगों पर सकारात्मक अमल नहीं किया गया तो उन्हें सत्याग्रह के लिए विवश होना पड़ेगा। समिति के अध्यक्ष डा.देवेंद्र फर्स्वाण, उपाध्यक्ष कमलेश नैथानी, महासचिव सुनील रावत, सह सचिव राजेंद्र सिंह रावत, संगठन मंत्री बृजमोहन शाह, कोषाध्यक्ष मयंक जोशी, मीडिया प्रभारी राजीव तोमर ने कहा है कि विवि के केंद्रीय विवि में परिवर्तित होने के बाद विवि के शिक्षणेत्तर कर्मियों की मांगों व समस्याओं के समाधान को लेकर विवि प्रशासन द्वारा मौखिक व लिखित आश्वासन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे कर्मचारी अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। समिति पदाधिकारियों ने कहा 10 अप्रैल 2012 की बैठक में तैयार कार्यवृत्त का भी अभी तक पालन नहीं हो पाया है। उन्होंने विवि में दैनिक वेतन कर्मियों को रिक्त पदों पर उनकी नियुक्ति तिथि से समायोजित किए जाने व जब तक समायोजन पूर्ण न हो तब तक किसी भी पद की विज्ञप्ति प्रकाशित न किए जाने की मांग की। ज्ञापन में एमटीएस से लेकर अनुभागीय अधिकारियों के पदों को ग्रुप ए के अनुसार आंतरिक पदोन्नति से भरे जाने, रेशनलाइलजेशन कमेटी गठन हेतु यूजीसी को प्रस्ताव भेजे जाने, एलडीसी कर्मियों को 16 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर फक्शनल ग्रेड पे 4200 निर्गत किए जाने, सभी कर्मियों को राज्य सरकार के शासनादेश के आधार पर लाभ दिए जाने, मृतक आश्रितों का समायोजन न होने तक उन्हें आउटसोर्स में नियुक्ति देने, विवि के अधीन एक केंद्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव सरकार को भेजे जाने आदि मांग की गई हैं।
