सोषल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो जाएंगे जेल

अब फेसबुक व इंस्टग्राम पर फैक्ट चेक कर सकेगी प्रदेश की पुलिस

पहले सिर्फ ट्विटर पर थी फैक्ट चेक की सुविधा

लखनऊ

उत्तर प्रदेश पुलिस सोषल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखेगी। पुलिस  की साइबर टीम ने इसके लिए फैक्ट को चेक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फैक्ट चेक साफ्टवेयर के जरिए उत्तर प्रदेष पुलिस इंस्टाग्राम व फेसबुक पर अफवाह जनित पोस्टों को तुरंत जान सकेगी। संज्ञान में आते ही पुलिस टीम इस पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की करेगी। अभी तक प्रदेष की पुलिस टीम के पास सिर्फ ट्विटर के भ्रामक  पोस्टों को जान सकती थी।पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भ्रामक खबरें और अफवाहों के खंडन के लिए ट्विटर हैंडल /न्च्च्टपतंसब्ीमबा शुरू की गई थी। यहां  गलत व भ्रामक पोस्ट का न सिर्फ खंडन किया जाता है बल्कि कार्रवाई भी कराई जाती है। अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी यह सेवा शुरू की जा रही है। फेसबुक के फैक्ट चेक के लिए ूूूण्ंिबमइववाण्बवउध्न्च्च्थ्ंबजब्ीमबा व इंस्टाग्राम के फैक्ट चेक के लिए /न्च्च्थ्ंबजब्ीमबा हैंडिल जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि इन दोनों प्लेटफार्म पर भी यूपी के अपराध से संबंधित अफवाहों एवं भ्रामक पोस्टों का खंडन किया जाएगा। फेसबुक पेज व इंस्टाग्राम अकाउंट को टैग करके किसी भी भ्रामक खबर, वीडियो, फोटो, पोस्ट के संबंध में जानकारी की जा सकती है। इसी तरह फेसबुक यूजर उक्त पेज के मैसेज बाक्स में किसी भी अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति की गोपनीय सूचना भी दे सकता है।

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