अप्राकृतिक लैंगिक उत्पीड़न मामले में चार भिखारिन गिरफ्तार
हरिद्वार
हरकी पैड़ी क्षेत्र में भीख मांगने वाली चार भिखारिनों द्वारा अपनी साथी महिला का अप्राकृतिक लैंगिक उत्पीड़न किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने चंडी घाट चौकी में तहरीर देकर चारों महिलाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है। घटना तीन दिन पुरानी व चंडी घाट पुल के नीचे बसी बस्ती की बताई जा रही है। पुलिस ने तहरीर के आधाार में आरोपी महिलाओ के खिलाफ सम्बंधित धाराओं मेें मुकदमा दर्ज करते हुए चारों आरोपी महिलाओं को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। जिनको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। श्यामपुर थाना प्रभारी विनोद थपलियाल ने बताया कि रविवार को एक महिला निवासी कनखल हरिद्वार ने तहरीर देकर अपनी साथी चार महिलाओं के खिलाफ शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में उसके साथ भीख मांगने वाली चार महिलाओं ने तीन दिन पूर्व चंडी घाट पुल के नीचे बस्ती में वह परिचित की झोपड़ी में अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान चोरों महिलाएं झोपड़ी में घुस आयी और उसके साथ मारपीट कर अप्राकृतिक लैंगिक उत्पीड़न किया गया। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोगों के पहुंचने पर चारों महिलाएं भाग गई। उस घटना से उसकी तबीयत बिगड़ गयी। लेकिन जब उसकी तबीयत में सुधाार हुआ तो वह शिकायत करने पहुंची है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधाार पर आरोपी चारों महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने सूचना पर चारों महिलाओं को चंद घंटो बाद ही शनि देव मंदिर चीला रोड से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी महिलाओं ने खुलासा किया कि हम पांचों मिलकर हरकी पैड़ी पर भीख मांगते वक्त एक दानदाता ने कुछ कपड़े और 50 हजार की नगदी आपस में बांटने के लिए दिये थे। लेकिन कनखल निवासी महिला की नीयत बिगड़ गई और वह उनको चकमा देकर दानदाता ने दिये गये कपड़े व नगदी लेकर अपने घर शाहजहांपुर यूपी भाग गई। जब कनखल निवासी महिला के हरिद्वार पहुंचने और अपने किसी परिचित की चंडी घाट पुल के नीचे बसी झोपड़ी में होने की जानकारी मिली। जिसकी तलाश करते हुए वह वहां पहुंच गयी। जिससे उन्होंने अपना हिस्सा देने के लिए बोला तो वह उनको धामकाने लगी। जिसके व्यवहार को देखकर उनको गुस्सा आ गया और उसको सबक सिखाने के लिए वह सब किया। पुलिस ने आरोपी महिलाओं को दर्ज मुकदमें में निरूद्ध कर दिया। जिसको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

