श्रीअन्न को एक आंदोलन बनाने की जरूरत: प्रो. नौटियाल

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग चौरास और उच्च शिखरीय पादक कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रक) के सहयोग से स्थापित किए गए श्रीअन्न फसल कैफिटेरिया का गुरुवार को गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने श्रीअन्न फसल कैफिटेरिया का निरीक्षण कर उसमें उगाए गए मोटे अनाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से किए गए कार्यों की सरहाना करते हुए कहा श्रीअन्न हर किसी की थाली पर जाए और भारत फिर से श्रीअन्न के क्षेत्र का बड़ा उत्पादक वाला देश बने इसके लिए श्रीअन्न को एक आंदोलन बनाने की जरूरत है।
श्रीअन्न फसल कैफिटेरिया के निरीक्षण के बाद चौरास स्थित स्वामी मनमंथन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि श्रीअन्न (मिलेट) की जननी भारत भूमि है। कहा कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र संघ में वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया है। गढ़वाल विवि वर्ष 2020 से ही पारंपरिक फसलें मोटे अनाज पर विचार करने लगा था। प्रो. नौटियाल ने कहा कि स्वास्थ्यवर्धक, पोषण, शक्ति प्रदान करने वाले और मूल्यवान पारम्परिक फसलें दुबारा हमारे खेतों में लहलहाए इसी कल्पना को लेकर कैफिटेरिया बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कोदा, झंगोरा उत्तराखंड के गरीबी का परिचय नहीं बल्कि हमारी संपन्न विरासत का परिचायक है। इसको हमे सहेज और संजोए रखने की जरूरत है। कहा कि बीज विज्ञान विभाग द्वारा पहली बार चौरास में बड़े स्तर पर जो मूंगफली का उत्पादन किया है वह अतुलनीय प्रयास है। कहा एक बार फिर हमारे खेत श्रीअन्न से लहलहाएं इसके लिए गढ़वाल विवि के वैज्ञानिकों और किसानों के सहयोग की आवश्कता है। बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जेएस चौहान ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। इस मौके पर पूर्व पीसीसीएफ प्रवीण थपलियाल, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एवं एलाइड साइंस प्रो. एके नेगी, हैप्रेक संस्थान के निदेशक प्रो. एमसी नौटियाल, बीज विज्ञान विभाग के प्रो. प्रकाश नौटियाल, पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके मैखुरी, डा. विजयकांत पुरोहित, डा. विजयलक्ष्मी, डा. वैशाली चंदोला आदि मौजूद रहे।
गढ़वाल विवि देगा मोटे अनाज के उन्नत किस्मों के बीज
श्रीनगर गढ़वाल। बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जेएस चौहान ने कहा कि अगले वर्ष से विवि का बीज विज्ञान विभाग किसानों को मोटे अनाज के उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक फसलों को संरक्षित करने और किसानों की आजीविका बनाकर अर्थिक रूप से सबल बनाने के उद्देश्य से गढ़वाल विवि ने फसल कैफिटेरिया स्थापित किया है। जिससे आने वाले समय में गढ़वाल विवि किसानों को मोटे अनाज का उत्तम बीज उपलब्ध करवा सकें। कहा श्रीअन्न फसल कैफिटेरिया में मुख्य रूप से मोटा अनाज रागी, कोदा, झंगोरा, कोणी, मुंगफली और चीणा उगाया है।

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