विश्व मधुमेह दिवस पर जागरूकता अभियान चलाया

ऋषिकेश

विश्व मधुमेह दिवस पर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज जौलीग्रांट की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों के बीच स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। मंगलवार को हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांसेज जौलीग्रांट के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से ग्रामीण स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केन्द्र गौहरीमाफी में मधुमेह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो शरीर को खोखला बना देती है। रिपोर्ट्स की मानें तो दुनिया भर में 10 में से 1 युवा मधुमेह यानि डायबिटीज का शिकार है। 90 प्रतिशत से अधिक लोगों को टाइप 2 डायबिटीज है, जबकि आधे से ज्यादा लोगों को डायबिटीज के बारे में पता ही नहीं है। स्वस्थ आदतों को अपनाने से टाइप 2 डायबिटीज और उसके होने वाली गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है। डॉ. अभय श्रीवास्तव ने कहा कि मधुमेह एक चिकित्सीय बीमारी है जिसमें रक्त शर्करा या ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है जो हानिकारक है। डॉ. नेहा शर्मा ने लोगों को मधुमेह के जोखिम कारकों के बारे में बताया। डॉ. निकिता मौर्य, डॉ. ट्विंकल, डॉ. फैय्याज अहमद, डॉ. ऋषभ और डॉ. दीपा ने भी लोगों को डायबिटीज के बारे में जागरूक किया। इसके अतिरिक्त डॉ. चिराग जोशी और डॉ. अवनी गुप्ता ने विश्व मधुमेह दिवस पर वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर मधुमेह के बोझ, राष्ट्रीय कार्यक्रम एनपीसीडीसीएस, मधुमेह ऐप्स और मधुमेह अनुसंधान में नवीनतम प्रगति पर प्रकाश डाला। जिसमें बढ़ती महामारी को रोकने में सामुदायिक जागरूकता की भूमिका पर जोर दिया गया।

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