पछुवादून में 3घंटे से अधिक की अघोषित बिजली कटौती

विकासनगर

बिजली कटौती ने पछुवादून के लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी है। इन दिनों एक तरफ लगातार पारा बढ़ता जा रहा है , वहीं उमस भरी गरमी में लोगों को बेहाल कर दिया है। पछुवादून क्षेत्र में बुधवार को तीन घंटे से अधिक बिजली की अघोषित कटौती रही। गरमी में बिजली कटौती के कारण पानी की आपूर्ति ठप रहने से लोग दिन भर परेशान रहे।  बुधवार को पछुवादून क्षेत्र में ऊर्जा निगम की अघोषित बिजली कटौती जारी रही। दिनों दिन पारा जहां लगातार बढ़ता जा रहा है। पछुवादून क्षेत्र में बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। तापमान बढ़ने के साथ ही उमस भरी गरमी ने लोगों को बेहाल कर दिया। वहीं भरी दुपहरी में बिजली विभाग की तीन घंटे की अषोषित कटौती के कारण पंखे, कूलर आदि शोपीस बने रहे। विकासनगर, डाकपत्थर, ढकरानी, ढालीपुर, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई से लेकर सुद्धोवाला, झाझरा सहित आसपास के सैकड़ों गांवों में दो बजे दोपहर से लेकर पांच बजे तक बिजली की कटौती रही। बिजली कटौती के चलते इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति भी ठप रही। इससे लोगों की समस्या और अधिक बढ़ गयी। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता विकासनगर ने बताया कि कटौती स्थानीय स्तर पर नहीं की जा रही है। बताया कि प्रदेश में बिजली की कमी के चलते पावर ग्रिड से ही कटौती की जा रही है।
उद्योगों में भी चार घंटे की कटौती जारी
सेलाकुई। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में तीन घंटे की अघोषित कटौती के अलावा औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई, लांघा आदि में भी बिजली की कटौती बदस्तूर जारी है। उद्योगों में बुधवार को भी चार घंटे से अधिक समय तक बिजली की कटौती रही। बिजली की कटौती के चलते उद्योगों को लगातार घाटा उठाना पड़ रहा है। उद्योगों में तीस प्रतिशत से अधिक उत्पादन कम हो रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादित होने वाली वस्तुओं की लागत दर बढ़ रही है। महंगे डीजल के चलते जहां आधे उद्योगों में उत्पादन दर घटती जा रही है। वहीं लागत दर भी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बिजली कटौती की उद्योगों पर जबरदस्त मार पड़ रही है। इंडियन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष लतीफ चौधरी ने प्रदेश सरकार से बिजली कटौती बंद करने की मांग की है। कहा कि कटौती के चलते भारी नुकसान उठा रहे उद्योग पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।

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