महाविद्यालय को कैंपस बनाए जाने से छात्र-छात्राएं आक्रोशित
पिथौरागढ़।
एलएसएम महाविद्यालय के कैंपस बनाने की चल रह प्रकिया के बाद छात्र-छात्राएं विरोध में उतर आए हैं। उनका कहना है कि कैंपस बनाना यहां के छात्र-छात्राओं के हित में नहीं है। कैंपस बन गया तो सीमांत युवाओं को प्रवेश के लिए भी दर-दर भटकना होगा। शुक्रवार को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन सिंह मारकाना के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं विधायक मयूख महर से मिलें। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीमांत की विपरीत भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए लंबे समय से छात्र-छात्राएं एक अलग विवि की मांग कर रहे हैं। लेकिन वर्ष 2020 में सीमांत की अनदेखी कर कुमाऊं विश्वविद्यालय से पृथक अल्मोड़ा में एक नया सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय खोल गया और वर्तमान में महाविद्यालय को कैंपस बनाने की प्रकिया चल रही है। अगर महाविद्यालय कैंपस बन गया तो यहां सीमित छात्र-छात्राएं ही प्रवेश ले सकेंगे। साथ ही कैंपस बनने से फीस वृद्धि भी होगी। इससे कमजोर तबके के छात्र-छात्राओं के लिए प्रवेश करना भी मुश्किल हो जाएगा। छात्र-छात्राओं ने एलएसएम महाविद्यालय को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का परिसर न बनाए जाने की मांग उठाई है। ज्ञापन देने वालों में अमित कुमार, गोविंद जेमवाल, अभय जारा, पंकज सिंह, ललित सिंह, विनीत मारकाना, दिव्यांशु धामी मौजूद रहे।
