कैमाला के जखोली मेले में देव दर्शन को श्रद्धालुओं की भीड़
विकासनगर
बावर क्षेत्र के कैमाला में आयोजित जखोली मेले में बाशिक महासू महाराज के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कोविड संक्रमण के चलते तीन साल तक मेला आयोजित नहीं किया गया था। इसके चलते इस बार गुरुवार को शुरू हुए मेले में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। हजारों लोगों ने देव पालकी के दर्शन कर सुख समृद्धि की मन्नतें मांगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कैमाला के देवदार जंगल में हर साल दो जून को बाशिक महासू महाराज के पुराने मंदिर जखोली में मेला आयोजित किया जाता है। एक माह के प्रवास को निकले बाशिक देवता की पालकी 19वें दिन यहां पहुंचती है। इस मेले का आयोजन कृषि उपज की अच्छी पैदावार के लिए किया जाता है। मेले में देव पालकी के आगमन के बाद पूजा अर्चना की जाती है। गुरुवार को दोपहर बाद तीन बजे देव पालकी जखोली पहुंची। देव पालकी के पहुंचते ही बाशिक महासू महाराज के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने देव पालकी का धार्मिक और पारंपरिक तौर तरीके से स्वागत किया। पूजा अर्चना और देव दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रो की थाप पर हारुल, तांदी नृत्य के साथ देव स्तुति की। देव दर्शन करने वालों में चकराता विधायक प्रीतम सिंह, शांटीबिल के बजीर दीवान सिंह राणा, जगमोहन सिंह, धीरज सिंह, डा. नरेंद्र सिंह, जयपाल पंवार, बलवीर सिंह, हरिश चंद्र, अभिराम, कृपा राम प्रह्लाद जोशी आदि शामिल रहे। मेले में बावर, शिलगांव, फनार, बाणाधार, देवघार, लखौ, कईलू, उत्तरकाशी के बंगाण, टिहरी के जौनपुर और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ू, नेरवा, चौपाल, शिलाई से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
