ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की पूजा के अधिकार के लिए 11 लाख मन्दिरों में किया जाएगा विशेष अनुष्ठान
वाराणसी
वाराणसी में ज्ञानवापी का मुद्दा चर्चा में है। कोर्ट में कानूनी लड़ाई के बीच अब सन्त भी इस मुद्दे को लेकर मुखर हो गए हैं। ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की पूजा के अधिकार के लिए संतों ने शुक्रवार से आंदोलन का अनोखा तरीका अपनाया है। वाराणसी के गौरी केदारेश्वर मन्दिर में केदारेश्वर को आदि विशेश्वर मानकर संतों ने उनकी पूजा की है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पूरे विधि विधान से बाबा के जलाभिषेक के साथ उनकी पूजा की।
उल्लेखनीय है कि ज्ञानवापी के वजुखाने में मिले शिवलिंग की नियमित पूजा का अधिकार मिले इसके लिए मन्दिरों में पूजा की जा रही है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि आज से इस अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत हम लोग देशभर के 11 लाख स्थानों पर मन्दिरों में आदि विशेश्वर का स्वरूप मान कर पूजा अनुष्ठान करेंगे। जिसमे 7 लाख गांव और 4 हजार मुहल्ले शामिल हैं।
ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग के पूजा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाल में ही 108 घण्टे अनशन किया था। इसके बाद अब इस लड़ाई में जीत के लिए शुक्रवार से काशी में नए आंदोलन की शुरुआत हुई है। ज्ञानवापी के वजुखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए कोर्ट में भी याचिका दाखिल है। इससे इतर भी कई मुद्दों को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिपसर 4 जुलाई को वाराणसी कोर्ट ने सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर की है।
