कश्मीरी पंडितों ने बड़े उत्साह और धूमधाम ने मनाया वितस्ता नदी का जन्मदिन
जम्मू
कश्मीरी पंडितों ने बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ वितस्ता नदी का जन्मदिन मनाया। बता दें कि झेलम नदी का ही वास्तविक नाम वितस्ता है। वहीं कश्मीरी पंडित इसे वेयथ के नाम से भी पुकारते हैं और उनके लिए यह सिर्फ नदी नहीं बल्कि आत्मा के बराबर महत्व रखती है। इस नदी के किनारे कई प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं। बता दें कि कश्मीरी संस्कृति और सभ्यता की जननी वितस्ता नदी के घाट पर कभी वेयथ त्रुवाह के मौके पर बड़ा मेला लगता था। इस साल भी अच्छी खासी संख्या में कश्मीरी पंडित वेयथ त्रुवाह के मौके पर घाटी में एकत्रित होकर पूजा अर्चना की। कश्मीरी पंडितों ने उम्मीद जताई कि जिस तरह से हालात बदल रहे हैं, उस देखते हुए जल्द ही फिर से वेयथ त्रुवाह पर्व की पुरानी रौनक लौटेगी और लोग बड़ी संख्या में यहां आएंगे।
बता दें कि यह समारोह पुराने श्रीनगर के हाबा कदल में पुरशियार घाट पर आयोजित किया गया था और कश्मीर के संभागीय आयुक्त भी इस दौरान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पुराने श्रीनगर के प्रसिद्ध मंदिरों से सटे पांच घाट शाम को जगमगा उठे। समारोह की शुरुआत झेलम नदी के नीचे नावों पर कलाकारों द्वारा पारंपरिक संगीत के वादन के साथ हुई। इस दौरान जब पूजा और आरती के बाद नदी में मिट्टी के जलते दीये छोड़े गये, तब बड़ा अलौकिक दृश्य था। समारोह के समापन के समय एक जुलूस भी निकाला गया जिसमें सभी समुदायों के लोग शामिल हुए।

