सरकार अवैध कब्जों को हटाने से पहले लोगों को बसाये और मुआवजा दे: आकिल अहमद
विकासनगर
पूर्व दर्जाधारी आकिल अहमद ने कहा किनदी, नालों और खालों के किनारे बनाये गये घरों को उजाड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट को गुमराह किया है। उर्मिला थापा बनाम राज्य सरकार में पारित आदेश में तहसील क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण हटाये जाने के निर्देश दिए गये हैं। यह आदेश गरीबों को परेशान करने व बेघरबाकर करने वाले हैं। सरकार को अवैध कब्जे हटाने से पहले गरीबों को बसाने व मुआवजा देने की कार्रवाई करनी चाहिए। पूर्व दर्जाधारी आकिल अहमद ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिस समय नदी,नालों व खालों के किनारे घर बनाये गये थे। उस समय सरकार तहसीलदार प्रशासन कहां थे। आकिल अहमद ने आरोप लगाया कि पहले पैसा लेकर मकान बनाने की छूट दी गई। अब गरीब लोगों को परेशान करते हुए मकान तोड़ने के लिए लाल निशान लगाये जा रहे हैं। जो मकान लगभग तीस से पचास साल पहले बनाये गये हैं आज ऐसा कौनसा कानून आ गया है कि उन मकानों को ध्वस्त करना पड़ रहा है। कहा कि एक तरफ तो देश का सुप्रीम कोर्ट यह आदेश देता है कि 12 साल जिस जमीन पर जिसका कब्जा रहेगा वह उस जमीन का मालिक रहेगा। अब दूसरी तरफ पचास साल पुराने मकानों को ध्वस्त करने के आदेश दिए जा रहे हैं। आकिल अहमद ने कहा कि सरकार अगर इन लोगों को हटाना चाहती तो इनके नुकसान की भरपाई करे नहीं तो यह लोग सड़कों पर आ जाएंगे। अन्यथा व्यापक स्तर पर जनांदोलन किया जायेगा। इस दौरान राजू तोमर, जगदीश शर्मा, डॉक्टर शालिनी चौधरी आदि मौजूद रहे।

