सेब उत्पादकों को उचित संसाधन मुहैया कराए प्रदेश सरकार
विकासनगर
एप्पल ग्रोवर्स एसोसिएशन उत्तराखंड ने प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा दिए जाने के लिए उचित संसाधन मुहैया कराए जाने की मांग प्रदेश सरकार से गई है। एसोसिएशन का कहना है कि हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर बागवानी को बढ़ावा देकर पर्वतीय जिलों से पलायन पर रोक लग सकती है। गुरुवार को एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर प्रसाद उनियाल ने नगर के एक होटल में मीडिया से वार्ता करते हुए बताया कि उत्तराखंड में अन्य फलों के मुकाबले सेब का अधिक उत्पादन होता है। इसके साथ ही अन्य फल और साग सब्जियां भी उत्पादित की जाती हैं। लेकिन सड़क यातायात की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बागवानों और किसानों की 30-40 प्रतिशत उपज बर्बाद हो जाती है। इस बर्बादी से बचने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में फल प्रसंस्करण केंद्र खोले जाने चाहिए। कहा कि सेब का उत्पादन राज्य के पर्वतीय जनपदों में होता है, लेकिन ट्रांसपोर्टर बागवानों से मनमाना भाड़ा वसूलते हैं। प्रत्येक क्षेत्र से मंडी तक भाड़े की दर निश्चित की जानी चाहिए। बागवानों और किसानों को बिचौलियों से निजात दिलाने के लिए प्रदेश में विपणन ढांचा विकसित किए जाने की जरूरत है, जिससे कि उपज का सीधा लाभ उत्पादक को मिल सके। उन्होंने प्रदेश की मंडियों में वेयर हाउस स्थापित करने की मांग भी प्रदेश सरकार से की है। साथ ही कहा कि राज्य में सहकारिता की त्रिस्तरीय व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे सहकारिता के माध्यम से विपणन प्रणाली विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि बागवानों और किसानों के हितों को देखते हुए प्रदेश सरकार को सभी मांगो पर जल्द विचार करना चाहिए। इस दौरान एप्पल ग्रोवर एसोसिशन के चकराता ब्लॉक अध्यक्ष दौलत सिंह, अशोक सिंह मौजूद रहे।

