हिमालयी क्षेत्र के धामों में मानवीय आवाजाही पूर्ण रूप से प्रतिबंधित की जाएःः शांति ठाकुर
देहरादून
ग्लेशियर लेडी के नाम से प्रसिद्ध शांति ठाकुर ने कहा है कि आज के परिवेश में हिमालय को बचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र के धामों में मानवीय आवाजाही को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाये, जिसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जायेगा। आज परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की नमामि गंगें के माध्यम से गंगा की सफाई के लिए कार्य किया गया लेकिन धरातल पर कोई भी काम सामने नहीं दिखाई दिया है। उन्होंने कहा कि गढमुक्तेश्वर के साथ ही साथ गंगासागर तक गंगा में गंदगी फैली हुई है। कानपुर, प्रयागराज, बनारज, कोलकाता भी इससे अछूता नहीं है जिसकी सफाई की ओर किसी का भी ध्यान नहीं जा रहा है। अब हिमालयी क्षेत्रों में मानवीय आवाजाही को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने की आवश्यकता है इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि 2007 में भी जनहित याचिका दायर की गई थी, उस दौरान हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया था। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाये गये तो वह एक बार फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी और वह इसके लिए अभी से ही सभी प्रकार की तैयारियां कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 22 सालों से हिमालय के संरक्षण, गंगोत्री ग्लेशियर की स्थिति खराब हो रही है और यह गंगा के अस्तित्व के लिए खतरा है। वहीं दूसरी ओर नदियों के संरक्षण के नाम पर अनावश्यक रूप से पैसा बहाया जा रहा है लेकिन फिर भी गंगा में गंदगी ही गंदगी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वह खुद ही एक उदाहरण है कि उन्होंने गंगोत्री से गंगासागर तक क्लश यात्रा निकाली और उसके माध्यम से जहां जहां वह गई उन्होंने गंगा में गंदगी पाई। इन स्थानों पर गंगा मां पर सफाई करने की व्यापक स्तर पर स्थानीय शासन प्रशासन की जिम्मेदारी होनी चाहिए, लेकिन इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे खरा है और यहां तक की गंगा किनारे गंदगी का आलम है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्लोबल वार्मिंग को जिम्मेदार ठहराये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह कुछ हद तक ठीक है मानवीय आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाता है तो यह सब कुछ रूक जायेगी। अब इसके लिए जनक्रांति लाई जायेगी और एक बार फिर से जनता को लामबंद करने का काम किया जायेगा। इस अवसर पर अनेक समर्थक शामिल रहे।

