हाथ से हाथ जोड़ो अभियान राजनीतिक, आजादी से लेकर अब तक का सबसे बड़ा आउटरीच कार्यक्रम

देहरादून

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के अंतर्गत मानव श्रंखला के संयोजक सूर्यकांत धस्माना ने कहा है कि पिछले 135 दिनों से कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा शुरू हुई थी, जोकि जम्मू कश्मीर में अंतिम चरण में है। आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा गैर राजनैतिक इरादे से थी जिसमें समाज के सभी वर्ग के लोगों ने सकारात्मक भागीदारी निभाई। कश्मीर में यात्रा के दौरान सुरक्षा के इंतजमातों को विद ड्रॉ कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से घबराहट के चलते सुरक्षा इंतजामों को विद ड्रॉ किया गया जिसकी जितनी निंदा की जाये वह कम है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से मौहब्बत, प्यार एवं एकता का रिन्यूवल हुआ है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से अलग अलग राजनैतिक दलों, इतिहासकारों, कलाकारों के साथ ही योगेन्द्र यादव ने भी सराहा है। यात्रा के उद्देश्यों पर बातचीत करते हैं। भाजपा व आरएसएस ने यात्रा के खिलाफ बोलना शुरू किया, यहां तक कि राहुल गांधी के खिलाफ और उनके जूते व टीशर्ट पर भी टिप्पणी की, लेकिन उन पर कोई असर नहीं पडा और लगाातार लोग इस यात्रा से जुडते चले गये। जब भाजपा व केन्द्र सरकार में इस यात्रा से घबराहट पैदा हो गई और उनमें बौखलाहट आ गई, तो राहुल गांधी की सुरक्षा मंे लगे कर्मचारियों को हटा दिया गया, वहीं बाद मंे कार्यकर्ताओं ने उनकी सुरक्षा की। उन्होंने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो अभियान राजनीतिक है। उत्तराखंड के शत प्रतिशत परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा आजादी से लेकर अब तक का सबसे बड़ा आउटरीच कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ को लेकर सरकार का एजेंडा ठीक नहीं है। एक प्रतिशत काम करने के बाद 99 प्रतिशत प्रचार करने का काम भाजपा सरकार करती आ रही है वहीं जोशीमठ बचाओ समिति को धमकी देने का काम किया जा रहा है उन्हें एनएसए में बंद करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सभी सूचनाओं पर प्रतिबंध लगाया है वहीं वैज्ञानिक सूचनाओं का खंडन करने का काम भाजपा सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भाजपा को खुली चेतावनी दी है कि किसी के प्रति भी उत्पीडनात्मक काम भाजपा न करे और यदि ऐसा किया तो कांग्रेस कार्यकर्ता लामबंद होकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर वार्ता में राजेश चमोली, लाखीराम बिजल्वाण, शीशपाल सिंह बिष्ट, विशाल कुमार, अनुज दत्त शर्मा आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *