अमेरिका के सेंटर्स फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की साइट पर भारत का गलत नक्शा, सरकार ने जताया विरोध
नई दिल्ली
अमेरिका के सेंटर्स फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की साइट पर भारत का गलत नक्शा दिखाया जा रहा है। विश्व स्तर पर मंकीपाक्स के मामलों को अलग-अलग देशों के स्तर पर दिखाने के लिए विश्व के जिस राजनीतिक नक्शे का इस्तेमाल सीडीसी ने किया है वह गलत है। इसमें जम्मू कश्मीर का उत्तरी भाग जिसमें गिलगिट स्कर्दू, हुंजा वैली, नंगा पर्वत, नानतार वैली आदि आते हैं, उन्हें पाकिस्तान में दिखाया गया है। इतना ही नहीं सीडीसी पर दिखाए गए नक्शे में लद्दाख के कुछ पूर्वी भाग को चीन में दिखाया गया है।
बता दें कि भारत पहले भी कई बार अलग-अलग जगहों पर दिखाए जा रहे भारत के गलत नक्शों के खिलाफ अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देता रहा है। भारत के कड़े रुख के बाद कई जगहों पर दिखाए जा रहे भारत के नक्शे को सही किया गया है। नवंबर 2019 में भारत सरकार ने जो नक्शा विश्व के सामने पेश किया था उसमें पूरे जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा दर्शाया गया था।
इसमें पाकिस्तान और चीन द्वारा गलत तरीके से हासिल किए हुए हिस्से को बेहद साफ-साफ दर्शाया गया था। हालांकि इस नक्शे को जारी किए जाने के बाद पाकिस्तान और चीन ने नाराजगी व्यक्त की थी। इसके जवाब में भारत ने साफ किया था कि समूचा जम्मू कश्मीर जिसमें गिलगिट का पूरा क्षेत्र और लद्दाख का पूरा क्षेत्र शामिल है, भारतीय क्षेत्र है। भारत ने था कि अब भारत अपने इन हिस्सों को वापस लेगा।
गौरतलब है कि भारत इसी आधार पर पाकिस्तान और चीन के बीच बनने वाले आर्थिक गलियारे का भी विरोध करता आया है। भारत का कहना है कि ये गलियारा भारत की जमीन पर बन रहा है। इसकी भारत इजाजत नहीं देता है। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने ये नक्शा उस वक्त जारी किया था जब जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया था। उस वक्त भी पाकिस्तान भारत सरकार के फैसले से तिलमिला गया था। सीडीसी ने भारत के जिस नक्शे को अपनी वेबसाइट पर दिखाया है वो भी पूरी तरह से गलत है।

