ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बाधित, गंगोत्री मार्ग पर छोटे वाहन चले

ऋषिकेश

भूस्खलन के चलते ऋषिकेश-श्रीनगर मार्ग (बदरीनाथ हाईवे) दिनभर बाधित रहा। जबकि ऋषिकेश-चंबा मार्ग (गंगोत्री मार्ग) नरेन्द्रनगर के पास भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे मार्ग पर छोटे वाहन ही आ जा पा रहे हैं। इस कारण पहाड़ के विभिन्न रूटों पर करीब 135 बसों का संचालन ठप रहा। इससे सवारियों को परेशानी उठानी पड़ी। बीते रोज से दोनों मार्ग लगातार बाधित हो रहे हैं। ऋषिकेश-श्रीनगर मार्ग पर गूलर, व्यासी और सिंगटाली के पास बीते गुरुवार देर रात से ही भूस्खलन होने लगा। तड़के पहाड़ से भारी पत्थर गिरने से सड़क बंद हो गई। सूचना पर एनएच के अधिकार मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रही बारिश और पत्थर गिरने से मलबा हटाने के कार्य में दिक्कत आई। देर शाम तक श्रीनगर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई। उधर, ऋषिकेश-चंबा मार्ग पर नरेन्द्रनगर के पास मलबा गिरने और भूस्खलन से मार्ग संकरा हो गया। इससे मार्ग पर छोटे वाहन ही चल पाये। ऋतिग्रस्त मार्ग पर यातायात सामान्य होने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।  दोनों मार्ग बाधित होने से शुक्रवार को पहाड़ आने जाने वाली बसों का संचालन ठप रहा। दोपहर बाद उम्मीद बनी की व्यासी के पास मार्ग खुल जायेगा, लेकिन बारिश के चलते मलबा नहीं हटाया जा सका। ऋषिकेश से चंबा-टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली और पौड़ी सहित अन्य छोटे-बड़े रूटों पर प्रतिदिन 135 से अधिक बसों का संचालन होता है, लेकिन दोनों मार्ग बाधित होने से शुक्रवार को बसों का संचालन नहीं हो पाया।
दूरी के साथ किराया भी बढ़ा:  श्रीनगर मार्ग बाधित होने से छोटे वाहन नरेन्द्रनगर, खाड़ी, देवप्रयाग होकर श्रीनगर आ-जा रहे हैं। इससे 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी के साथ किराया भी अधिक लग रहा है। यदि मार्ग खुलने में समय लगा तो पहाड़ में खाद्य पदार्थ की सप्लाई में असर पड़ सकता है। सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन पचास से अधिक ट्रक दूध, सब्जी एवं अन्य खाद्य सामग्री पहाड़ में सप्लाई करते हैं।
गूलर, व्यासी एवं सिंगटाली के पास लगातार भूस्खलन हो रहा है। मलबा हटाने को मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन बारिश एवं पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह तक मार्ग खोल दिया जाएगा। – बीएन द्विवेदी, सहायक अभियंता एनएच श्रीनगर।

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